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Used Cars: भारत से विदा हो चुकी है फोर्ड, लेकिन उसकी ये एसयूवी सेकंड हैंड कार बाजार में अब भी सुपरहिट
Sat, 26 Jul 2025 06:08 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Sat, 26 Jul 2025 06:08 PM IST
सार
भारत के सेकंड हैंड कार बाजार पर मारुति सुजुकी भले ही राज कर रही हो, लेकिन फोर्ड की एक पुरानी एसयूवी अब भी लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाए हुए है।
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Second Hand Cars
- फोटो : Freepik
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विस्तार
भारत के सेकंड हैंड कार बाजार पर मारुति सुजुकी भले ही राज कर रही हो, लेकिन फोर्ड की एक पुरानी एसयूवी अब भी लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाए हुए है। यूज्ड कार प्लेटफॉर्म स्पिनी की Q2 2025 ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक, Ford EcoSport (फोर्ड इकोस्पोर्ट) अब भी भारत की सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली सेकंड हैंड एसयूवी बनी हुई है। यह बात इसलिए खास है क्योंकि फोर्ड ने भारत के पैसेंजर कार बाजार से वर्षों पहले ही अपने कदम खींच लिए थे।
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सेकंड हैंड कारों में मारुति की टॉप मौजूदगी
जहां तक पूरी सेकंड हैंड कार इंडस्ट्री की बात है, मारुति सुजुकी का दबदबा कायम है। 2025 की दूसरी तिमाही में वैगनआर, बलेनो और स्विफ्ट सबसे ज्यादा बिकने वाले मॉडल रहे। कुल बिक्री में हैचबैक कारों का हिस्सा 55 प्रतिशत रहा, जबकि एसयूवी की हिस्सेदारी 21 प्रतिशत थी। एसयूवी की लिस्ट में फोर्ड इकोस्पोर्ट, ह्यूंदै क्रेटा और मारुति ब्रेजा सबसे आगे रहीं।
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जहां तक पूरी सेकंड हैंड कार इंडस्ट्री की बात है, मारुति सुजुकी का दबदबा कायम है। 2025 की दूसरी तिमाही में वैगनआर, बलेनो और स्विफ्ट सबसे ज्यादा बिकने वाले मॉडल रहे। कुल बिक्री में हैचबैक कारों का हिस्सा 55 प्रतिशत रहा, जबकि एसयूवी की हिस्सेदारी 21 प्रतिशत थी। एसयूवी की लिस्ट में फोर्ड इकोस्पोर्ट, ह्यूंदै क्रेटा और मारुति ब्रेजा सबसे आगे रहीं।
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पेट्रोल गाड़ियां अब भी पहली पसंद, ऑटोमैटिक गियर की मांग बढ़ी
कार खरीदारों के बीच पेट्रोल गाड़ियों की मांग अब भी सबसे ज्यादा है, जहां 82 प्रतिशत खरीदारों ने पेट्रोल विकल्प को चुना। वहीं, ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन वाली कारों की हिस्सेदारी अब बढ़कर 30 प्रतिशत तक पहुंच गई है। जिससे साफ है कि लोग अब ड्राइविंग में और सुविधा चाहते हैं।
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कार खरीदारों के बीच पेट्रोल गाड़ियों की मांग अब भी सबसे ज्यादा है, जहां 82 प्रतिशत खरीदारों ने पेट्रोल विकल्प को चुना। वहीं, ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन वाली कारों की हिस्सेदारी अब बढ़कर 30 प्रतिशत तक पहुंच गई है। जिससे साफ है कि लोग अब ड्राइविंग में और सुविधा चाहते हैं।
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महिला खरीदारों की भागीदारी में इजाफा
महिलाएं भी अब सेकंड हैंड कार बाजार में बढ़चढ़ कर हिस्सा ले रही हैं। कुल ग्राहकों में 26 प्रतिशत महिलाएं थीं, और इस मामले में चंडीगढ़ सबसे आगे रहा जहां 30 प्रतिशत से ज्यादा खरीदार महिलाएं थीं।
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लग्जरी कारों का क्रेज अब मेट्रो से बाहर भी
ऑडी, बीएमडब्ल्यू और मर्सिडीज जैसी लग्जरी ब्रांड्स अब छोटे शहरों में भी तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं। जयपुर, कोयंबटूर और कोच्चि जैसे टियर-2 शहरों में लग्जरी कारों की मांग में 30 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो मेट्रो शहरों को भी पीछे छोड़ रही है।
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महिलाएं भी अब सेकंड हैंड कार बाजार में बढ़चढ़ कर हिस्सा ले रही हैं। कुल ग्राहकों में 26 प्रतिशत महिलाएं थीं, और इस मामले में चंडीगढ़ सबसे आगे रहा जहां 30 प्रतिशत से ज्यादा खरीदार महिलाएं थीं।
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लोन लेकर कार खरीदना अब आम बात
अब लोग सेकंड हैंड कारें लोन पर लेना भी पसंद कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, Q2 में 58 प्रतिशत ग्राहकों ने फाइनेंस का विकल्प चुना। खासकर सैलरीड प्रोफेशनल्स इस ट्रेंड को आगे बढ़ा रहे हैं। कोयंबटूर शहर लोन लेने वालों में सबसे आगे रहा, जहां 65 प्रतिशत से अधिक खरीदारों ने कार लोन के जरिए गाड़ी खरीदी।
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नई कारों जैसी मांग में हैं तीन साल से कम पुरानी गाड़ियां
तीन साल से कम पुरानी सेकंड हैंड कारों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। जून 2025 में इस सेगमेंट की डिमांड 25 प्रतिशत हिस्सेदारी तक पहुंच गई। जिससे साफ है कि लोग अब नई जैसी हालत वाली सेकंड हैंड कारें लेना पसंद कर रहे हैं।
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