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Ford: फोर्ड भारत से बाहर निकलने के फैसले पर फिर से कर रही है विचार? JSW के साथ चेन्नई प्लांट का सौदा रद्द
Wed, 20 Dec 2023 04:25 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Wed, 20 Dec 2023 04:25 PM IST
सार
फोर्ड मोटर कंपनी ने सज्जन जिंदल के नेतृत्व वाले जेएसडब्ल्यू ग्रुप के साथ समझौता तय करने के बाद, भारत में वाहन निर्माता के एकमात्र शेष कारखाने, तमिलनाडु प्लांट को नहीं बेचेगी।
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Ford
- फोटो : pixabay
विस्तार
फोर्ड मोटर कंपनी ने सज्जन जिंदल के नेतृत्व वाले जेएसडब्ल्यू ग्रुप के साथ समझौता तय करने के बाद, भारत में वाहन निर्माता के एकमात्र शेष कारखाने, तमिलनाडु प्लांट को नहीं बेचेगी।
हाल के घटनाक्रमों पर टिप्पणी करते हुए, फोर्ड इंडिया के एक प्रवक्ता ने कहा, "हम चेन्नई में अपनी उत्पादन सुविधा के लिए विकल्पों की खोज जारी रख रहे हैं और हमारे पास साझा करने के लिए और कुछ नहीं है।"
मीडिया में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, घाटे और कोविड-19 महामारी के बाद यात्री वाहन बाजार में आई मंदी के कारण भारत छोड़ने के बाद कंपनी ने जुलाई 2022 में मरैमलाई नगर स्थित प्लांट को बंद करने की योजना बनाई थी।
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रिपोर्ट के मुताबिक एक सूत्र ने कहा, "अमेरिका में फोर्ड के मुख्यालय और जेएसडब्ल्यू समूह के बीच बातचीत अचानक नाकाम हो गई है। हालांकि कंपनियां सौदे को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रही थीं। यह एक अचानक लिया गया फैसला है और मैन्युफेक्चरिंग के नजरिए से भारत में बने रहने की फोर्ड की इच्छा से पैदा हो सकता है। वास्तव में, फोर्ड एक बार फिर भारत में कुछ कार्यों के लिए लोगों को नियुक्त करना चाह रहा है।' हालांकि, अभी तक इस मामले पर निश्चित रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता है। फोर्ड अभी भी मूल्यांकन कर रहा है, और वापस आने पर आखिरी फैसला नहीं लिया है।"
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हाल के घटनाक्रमों पर टिप्पणी करते हुए, फोर्ड इंडिया के एक प्रवक्ता ने कहा, "हम चेन्नई में अपनी उत्पादन सुविधा के लिए विकल्पों की खोज जारी रख रहे हैं और हमारे पास साझा करने के लिए और कुछ नहीं है।"
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मीडिया में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, घाटे और कोविड-19 महामारी के बाद यात्री वाहन बाजार में आई मंदी के कारण भारत छोड़ने के बाद कंपनी ने जुलाई 2022 में मरैमलाई नगर स्थित प्लांट को बंद करने की योजना बनाई थी।
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रिपोर्ट के मुताबिक एक सूत्र ने कहा, "अमेरिका में फोर्ड के मुख्यालय और जेएसडब्ल्यू समूह के बीच बातचीत अचानक नाकाम हो गई है। हालांकि कंपनियां सौदे को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रही थीं। यह एक अचानक लिया गया फैसला है और मैन्युफेक्चरिंग के नजरिए से भारत में बने रहने की फोर्ड की इच्छा से पैदा हो सकता है। वास्तव में, फोर्ड एक बार फिर भारत में कुछ कार्यों के लिए लोगों को नियुक्त करना चाह रहा है।' हालांकि, अभी तक इस मामले पर निश्चित रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता है। फोर्ड अभी भी मूल्यांकन कर रहा है, और वापस आने पर आखिरी फैसला नहीं लिया है।"
Ford Car Plant
- फोटो : For Reference Only
रिपोर्ट के मुताबिक फोर्ड को भेजे गए सवालों का फिलहाल कोई जवाब नहीं मिला है। जेएसडब्ल्यू समूह ने इस मामले पर भेजी गई एक प्रश्नावली का जवाब "कोई टिप्पणी नहीं" दिया। जहां तक भारत की अपनी रणनीति का सवाल है, फोर्ड एक ढुलमुल भूमिका निभा रही है।
हालांकि इसने यहां खराब प्रदर्शन के बाद 2021 में बाजार से बाहर निकलने की घोषणा की थी और 2 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश किया था। इसने 2022 की शुरुआत में बाजार में दिलचस्पी ली क्योंकि और उसके बाद इलेक्ट्रिक्स के लिए इसने प्रॉडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना के तहत लाभ हासिल किया।
हालांकि, बाद में कंपनी ने भारत में मैन्युफैक्चरिंग बंद करने का फैसला किया, और मुख्य रूप से आयातित प्रीमियम मॉडलों के जरिए सिर्फ नाममात्र की मौजूदगी बनाए रखी। इस फैसले के चलते कंपनी ने अपने गुजरात के सानंद प्लांट को टाटा मोटर्स को भी बेच दिया था, जिसका अधिग्रहण इस साल की शुरुआत में पूरा हो गया था।
हालांकि, फोर्ड ने हाल ही चीन की SAIC और MG मोटर इंडिया के साथ अपने सौदे के बाद ऑटो व्यवसाय में एंट्री कर चुका है। अब जेएसडब्ल्यू ग्रुप को प्लांट न बेचने की अपनी योजना के साथ ऐसा लगता है कि कंपनी पुनर्विचार कर रही है। एक अन्य सूत्र ने कहा, "चेन्नई में फोर्ड फैक्ट्री में गतिविधि हुई है, और हाल ही में भारत में कुछ नियुक्तियां भी हुई हैं।"
हालांकि इसने यहां खराब प्रदर्शन के बाद 2021 में बाजार से बाहर निकलने की घोषणा की थी और 2 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश किया था। इसने 2022 की शुरुआत में बाजार में दिलचस्पी ली क्योंकि और उसके बाद इलेक्ट्रिक्स के लिए इसने प्रॉडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना के तहत लाभ हासिल किया।
हालांकि, बाद में कंपनी ने भारत में मैन्युफैक्चरिंग बंद करने का फैसला किया, और मुख्य रूप से आयातित प्रीमियम मॉडलों के जरिए सिर्फ नाममात्र की मौजूदगी बनाए रखी। इस फैसले के चलते कंपनी ने अपने गुजरात के सानंद प्लांट को टाटा मोटर्स को भी बेच दिया था, जिसका अधिग्रहण इस साल की शुरुआत में पूरा हो गया था।
हालांकि, फोर्ड ने हाल ही चीन की SAIC और MG मोटर इंडिया के साथ अपने सौदे के बाद ऑटो व्यवसाय में एंट्री कर चुका है। अब जेएसडब्ल्यू ग्रुप को प्लांट न बेचने की अपनी योजना के साथ ऐसा लगता है कि कंपनी पुनर्विचार कर रही है। एक अन्य सूत्र ने कहा, "चेन्नई में फोर्ड फैक्ट्री में गतिविधि हुई है, और हाल ही में भारत में कुछ नियुक्तियां भी हुई हैं।"