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Diesel Cars: EV ट्रेंड के बीच इन डीजल कारों की मांग बरकरार; जानें क्यों अब भी ये बनी हैं ग्राहको की पहली पसंद?
Sun, 08 Mar 2026 02:41 PM IST
Jagriti
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jagriti
Updated Sun, 08 Mar 2026 02:41 PM IST
सार
Diesel cars in India 2026: इलेक्ट्रिक कारों के शोर और सख्त उत्सर्जन नियमों के बीच क्या डीजल इंजन दम तोड़ रहे हैं? जवाब है बिल्कुल नहीं। लंबी दूरी के शौकीनों और भारी-भरकम टॉर्क चाहने वाले डीजल गाड़ियां आज भी पसंद कर रहे हैं। जानिए उन टॉप कारों के बारे में जो 2026 में भी भारतीय सड़कों पर राज कर रही हैं...
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महिंद्रा स्कॉर्पियो-एन
- फोटो : auto.mahindra
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विस्तार
भले ही ऑटो इंडस्ट्री क्लीन एनर्जी की ओर भाग रही हो, लेकिन डीजल का पंच कुछ और ही होता है। हाइवे पर क्रूजिंग करना हो या पहाड़ी रास्तों पर चढ़ाई, डीजल इंजन का मुकाबला करना मुश्किल है। आइए नजर डालते हैं उन दिग्गजों पर जो आज भी बाजार में अपनी पहचान बनाए हुए हैं:
महिंद्रा और टोयोटा की जोड़ी
टाटा का सुरक्षा कवच
टाटा सफारी और नेक्सन: टाटा मोटर्स ने डीजल इंजन को सिर्फ पावरफुल ही नहीं, बल्कि 5-स्टार सेफ्टी के साथ जोड़ा है। लंबी दूरी की फैमिली ट्रिप्स के लिए सफारी एक शानदार विकल्प है।
मिड-साइज और कॉम्पैक्ट सेगमेंट
महिंद्रा थार और बोलेरो: थार जहां एडवेंचर के लिए है, वहीं बोलेरो आज भी ग्रामीण क्षेत्रों के लिए मजबूत विकल्प मानी जाती है। कम मेंटनेंस और मजबूती से ही ये पहचानी जाती है।
ये भी पढ़े: Car Tips: कार की उम्र बढ़ानी है तो भूलकर भी नजरअंदाज न करें मेंटेनेंस की ये गलतियां, जेब पर पड़ सकता है भारी
डीजल कारों का ग्राफ नीचे क्यों जा रहा है?
ऑटो एक्सपर्ट्स के अनुसार, इसके पीछे 3 मुख्य कारण हैं:
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महिंद्रा और टोयोटा की जोड़ी
- महिंद्रा स्कॉर्पियो-एन: 2.2-लीटर डीजल इंजन के साथ यह एसयूवी आज भी असली पावर चाहने वालों की पसंदीदा कार बनी हुई है। इसका टॉर्क इसे हर तरह के रास्तों का राजा बनाता है।
- टोयोटा फॉर्च्यूनर: प्रीमियम सेगमेंट में फॉर्च्यूनर का कोई सानी नहीं है। 2.8-लीटर का भरोसेमंद इंजन और इसकी रीसेल वैल्यू इसे निवेश के लिए बेहतरीन बनाती है।
- टोयोटा हिलक्स: अगर आपको रग्ड लुक और हैवी-ड्यूटी परफॉर्मेंस चाहिए, तो हिलक्स से बेहतर कोई पिकअप नहीं।
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टाटा का सुरक्षा कवच
टाटा सफारी और नेक्सन: टाटा मोटर्स ने डीजल इंजन को सिर्फ पावरफुल ही नहीं, बल्कि 5-स्टार सेफ्टी के साथ जोड़ा है। लंबी दूरी की फैमिली ट्रिप्स के लिए सफारी एक शानदार विकल्प है।
मिड-साइज और कॉम्पैक्ट सेगमेंट
- ह्ययूंदै क्रेटा और किआ सोनेट: जहां कई कंपनियों ने डीजल को अलविदा कह दिया, वहीं ह्ययूंदै और किया ने इसे जारी रखा है। शहरी ट्रैफिक और हाईवे माइलेज का यह बेहतरीन बैलेंस है।
- महिंद्रा एक्सयूवी 7एक्सओ: तकनीक और लग्जरी का मेल। इसका डीजल इंजन रिफाइंड है और हाई-टेक फीचर्स से लैस है।
महिंद्रा थार और बोलेरो: थार जहां एडवेंचर के लिए है, वहीं बोलेरो आज भी ग्रामीण क्षेत्रों के लिए मजबूत विकल्प मानी जाती है। कम मेंटनेंस और मजबूती से ही ये पहचानी जाती है।
ये भी पढ़े: Car Tips: कार की उम्र बढ़ानी है तो भूलकर भी नजरअंदाज न करें मेंटेनेंस की ये गलतियां, जेब पर पड़ सकता है भारी
डीजल कारों का ग्राफ नीचे क्यों जा रहा है?
ऑटो एक्सपर्ट्स के अनुसार, इसके पीछे 3 मुख्य कारण हैं:
- सख्त BS6 (Phase 2) नियम: डीजल इंजन को क्लीन बनाने की तकनीक महंगी है, जिससे कारों की कीमत बढ़ गई है।
- हाइब्रिड की एंट्री: टोयोटा और मारुति जैसी कंपनियां अब स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड पर ध्यान दे रही हैं, जो डीजल जैसा ही माइलेज देती हैं।
- 10 साल का नियम: दिल्ली-एसीआर जैसे क्षेत्रों में डीजल गाड़ियों की लाइफ सिर्फ 10 साल सीमित कर दी गई है। ये भी एक प्रमुख वजह बनी हुई है।
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