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Hindi News ›   Chandigarh ›   Consumer court asks Uber to pay Rs 10000 to customer who was charged Rs 1334 for 8.8 km ride

Taxi: 8.8 किमी के लिए वसूला 1,334 रुपये का किराया, उपभोक्ता अदालत ने उबर को कहा- ग्राहक को दें 10 हजार रुपये

Mon, 18 Mar 2024 04:13 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Mon, 18 Mar 2024 04:13 PM IST
सार

चंडीगढ़ के उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक ऐसे उबर ग्राहक को मुआवजा दिया, जिससे कम दूरी की यात्रा के लिए अत्यधिक किराया लिया गया था।

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Consumer court asks Uber to pay Rs 10000 to customer who was charged Rs 1334 for 8.8 km ride
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

चंडीगढ़ के उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक ऐसे उबर ग्राहक को मुआवजा दिया, जिससे कम दूरी की यात्रा के लिए अत्यधिक किराया लिया गया था। चंडीगढ़ के रहने वाले अश्विनी पराशर को 6 अगस्त 2021 को सिर्फ 8.83 किलोमीटर की यात्रा के लिए उबर ने 1,334 रुपये का किराया वसूल लिया। इसका विरोध करने के बाद पराशर को 10,000 रुपये का मुआवजा दिया गया। उन्हें कानूनी खर्चों के लिए अतिरिक्त 10,000 रुपये दिए गए। 
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पराशर को शुरू में 359 रुपये का किराया दिखाया गया था। लेकिन बाद में लिए गए वास्तविक किराए के बीच के भारी अंतर था, जिसके बाद उन्होंने शिकायत दर्ज कराई। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ग्राहक सेवा चैट और ईमेल के जरिए इस मुद्दे को सुलझाने के उनके प्रयासों के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला।
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उबर इंडिया ने किराए में बढ़ोतरी का बचाव करते हुए इसे यात्रा के दौरान कई बार रास्ता बदलने का कारण बताया। हालांकि, आयोग ने जोर देकर कहा कि शुरू में दिखाए गए किराए और वास्तविक शुल्क के बीच का अंतर अनुचित व्यापार व्यवहार (अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस) है। नतीजतन, उन्होंने पराशर के पक्ष में फैसला सुनाया, और उन्हें मानसिक परेशानी और उत्पीड़न के लिए मुआवजे का हकदार माना।
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आयोग ने आगे कहा कि उबर जैसी सेवा प्रदाताओं की जिम्मेदारी है कि वे पारदर्शिता बनाए रखें और उपभोक्ताओं के भरोसे को बनाए रखें। इसने आदेश दिया कि उबर पराशर को मुआवजा देने और उसके मुकदमेबाजी खर्चों को कवर करने के अलावा उपभोक्ता कल्याण कोष में 10,000 रुपये जमा करे। 

इस फैसले ने उपभोक्ताओं की इस उम्मीद को रेखांकित किया कि वे अज्ञात भागीदारों के बजाय ब्रांडेड सर्विस प्रोवाइडर के साथ जुड़ेंगे। इसने जोर देकर कहा कि उपभोक्ताओं को उबर और उसके ड्राइवर भागीदारों के बीच के अनुबंधों की पेचीदगियों के बारे में जानकारी नहीं है। और यह ड्राइवर भागीदारों के साथ किसी भी छिपे हुए समझौते के बावजूद उबर की जवाबदेही है।

फैसले के जवाब में, उबर इंडिया ने यूजर्स को प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता का आश्वासन देने की जरूरत को स्वीकार किया। और सद्भावना के तौर पर किराए के एक हिस्से को उबर क्रेडिट के रूप में वापस कर दिया।
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