{"_id":"68a588d78f82ecbfd2030cf7","slug":"china-lifts-rare-earth-ban-relief-and-reality-check-for-indian-auto-industry-2025-08-20","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Rare Earth Magnet: रेयर अर्थ मैगनेट से हटा प्रतिबंध, भारत की ऑटो और ईवी इंडस्ट्री के लिए क्या हैं इसके मायने","category":{"title":"Automobiles","title_hn":"ऑटो-वर्ल्ड","slug":"automobiles"}}
Rare Earth Magnet: रेयर अर्थ मैगनेट से हटा प्रतिबंध, भारत की ऑटो और ईवी इंडस्ट्री के लिए क्या हैं इसके मायने
Wed, 20 Aug 2025 02:05 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Wed, 20 Aug 2025 02:05 PM IST
सार
काफी महीनों की खींचतान और सप्लाई चेन पर दबाव के बाद आखिरकार बीजिंग ने भारत पर लगे रेयर अर्थ मैगनेट एक्सपोर्ट बैन (निर्यात प्रतिबंध) को हटा लिया है। पिछले अप्रैल में चीन ने सात अहम रेयर अर्थ एलिमेंट्स और मैगनेट के निर्यात पर सख्त पाबंदी लगाई थी। भारत, जो अपनी 80 प्रतिशत से ज्यादा जरूरत चीन से पूरी करता है, उसके लिए यह झटका बड़ा था।
विज्ञापन
Automobile Industry
- फोटो : AI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
काफी महीनों की खींचतान और सप्लाई चेन पर दबाव के बाद आखिरकार बीजिंग ने भारत पर लगे रेयर अर्थ मैगनेट एक्सपोर्ट बैन (निर्यात प्रतिबंध) को हटा लिया है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब भारतीय ऑटो इंडस्ट्री उत्पादन बाधित होने और ईवी सेक्टर की रफ्तार धीमी पड़ने की चिंता से जूझ रही थी।
कूटनीति का असर
यह कदम विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनके चीनी समकक्ष वांग यी के बीच हुई उच्च स्तरीय बातचीत का नतीजा माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव में यह एक छोटी लेकिन अहम नरमी का संकेत है।
यह भी पढ़ें - 2025 Harley-Davidson Street Bob: भारत में लॉन्च हुई नई 2025 हार्ले-डेविडसन स्ट्रीट बॉब, जानें कीमत और फीचर्स
विज्ञापन
विज्ञापन
कूटनीति का असर
यह कदम विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनके चीनी समकक्ष वांग यी के बीच हुई उच्च स्तरीय बातचीत का नतीजा माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव में यह एक छोटी लेकिन अहम नरमी का संकेत है।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें - 2025 Harley-Davidson Street Bob: भारत में लॉन्च हुई नई 2025 हार्ले-डेविडसन स्ट्रीट बॉब, जानें कीमत और फीचर्स
विज्ञापन
कैसे रुकी थी इंडस्ट्री की रफ्तार
पिछले अप्रैल में चीन ने सात अहम रेयर अर्थ एलिमेंट्स और मैगनेट के निर्यात पर सख्त पाबंदी लगाई थी। भारत, जो अपनी 80 प्रतिशत से ज्यादा जरूरत चीन से पूरी करता है, उसके लिए यह झटका बड़ा था।
इसका सीधा असर ऑटो कंपनियों पर दिखा। मारुति की ई-विटारा ईवी का उत्पादन अनुमान 26,500 यूनिट से घटकर महज 8,200 रह गया। बजाज ऑटो ने भी अगस्त में इलेक्ट्रिक स्कूटर और थ्री-व्हीलर उत्पादन पूरी तरह ठप पड़ने की चेतावनी दी। क्रिसिल की रिपोर्ट में बताया गया कि मैगनेट का वाहन की लागत में हिस्सा 5 प्रतिशत से भी कम है, लेकिन 30 दिन की सप्लाई में देरी पूरी प्रोडक्शन लाइन बिगाड़ सकती है।
यह भी पढ़ें - VinFast India: भारत में विनफास्ट के नए इलेक्ट्रिक कार प्लान, इस छोटी और बड़ी ईवी को देगी चुनौती
पिछले अप्रैल में चीन ने सात अहम रेयर अर्थ एलिमेंट्स और मैगनेट के निर्यात पर सख्त पाबंदी लगाई थी। भारत, जो अपनी 80 प्रतिशत से ज्यादा जरूरत चीन से पूरी करता है, उसके लिए यह झटका बड़ा था।
इसका सीधा असर ऑटो कंपनियों पर दिखा। मारुति की ई-विटारा ईवी का उत्पादन अनुमान 26,500 यूनिट से घटकर महज 8,200 रह गया। बजाज ऑटो ने भी अगस्त में इलेक्ट्रिक स्कूटर और थ्री-व्हीलर उत्पादन पूरी तरह ठप पड़ने की चेतावनी दी। क्रिसिल की रिपोर्ट में बताया गया कि मैगनेट का वाहन की लागत में हिस्सा 5 प्रतिशत से भी कम है, लेकिन 30 दिन की सप्लाई में देरी पूरी प्रोडक्शन लाइन बिगाड़ सकती है।
यह भी पढ़ें - VinFast India: भारत में विनफास्ट के नए इलेक्ट्रिक कार प्लान, इस छोटी और बड़ी ईवी को देगी चुनौती
कमजोरी हुई उजागर
इस घटना ने साफ कर दिया कि भारत की ईवी रेस सिर्फ डिजाइन या तकनीक की नहीं, बल्कि भरोसेमंद सप्लाई चेन की भी है। चीन से भारी निर्भरता ने पूरे वैल्यू चेन की कमजोरी उजागर कर दी। नतीजतन, इंडस्ट्री को चीनी अधिकारियों से आपात बैठक करनी पड़ी और सरकार को घरेलू मैगनेट मैन्युफैक्चरिंग के लिए सब्सिडी और नई नीतियों पर तेजी से काम करना पड़ा।
यह भी पढ़ें - NHAI: सेना के जवान से दुर्व्यवहार मामले में सख्त कार्रवाई, NHAI ने टोल एजेंसी पर लगाया 20 लाख रुपये का जुर्माना
इस घटना ने साफ कर दिया कि भारत की ईवी रेस सिर्फ डिजाइन या तकनीक की नहीं, बल्कि भरोसेमंद सप्लाई चेन की भी है। चीन से भारी निर्भरता ने पूरे वैल्यू चेन की कमजोरी उजागर कर दी। नतीजतन, इंडस्ट्री को चीनी अधिकारियों से आपात बैठक करनी पड़ी और सरकार को घरेलू मैगनेट मैन्युफैक्चरिंग के लिए सब्सिडी और नई नीतियों पर तेजी से काम करना पड़ा।
यह भी पढ़ें - NHAI: सेना के जवान से दुर्व्यवहार मामले में सख्त कार्रवाई, NHAI ने टोल एजेंसी पर लगाया 20 लाख रुपये का जुर्माना
बैन हटने के बाद क्या बदलेगा
अब जब चीन ने निर्यात फिर से खोल दिया है, भारत की ऑटो इंडस्ट्री दोबारा पटरी पर लौट सकती है। मारुति अब वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी छमाही में ई-विटारा का उत्पादन बढ़ाकर सालाना 67,000 यूनिट का लक्ष्य हासिल कर सकती है। बजाज के पास भी अगस्त की उत्पादन को बचाने का मौका होगा।
लेकिन राहत से भी ज्यादा अहम है भविष्य की तैयारी। इस फैसले से घरेलू उत्पादन बढ़ाने की कोशिशों को समय मिल गया है। IREL की जापान और कोरिया के साथ साझेदारी और प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की योजनाएं अब और तेजी पकड़ सकती हैं।
यह भी पढ़ें - Car: वर्गीकरण विवादों को खत्म करने के लिए ऑटोमोबाइल पर प्रस्तावित GST दर में कटौती, हैचबैक पर टैक्स घटकर हो सकता है 28% से 18%
अब जब चीन ने निर्यात फिर से खोल दिया है, भारत की ऑटो इंडस्ट्री दोबारा पटरी पर लौट सकती है। मारुति अब वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी छमाही में ई-विटारा का उत्पादन बढ़ाकर सालाना 67,000 यूनिट का लक्ष्य हासिल कर सकती है। बजाज के पास भी अगस्त की उत्पादन को बचाने का मौका होगा।
लेकिन राहत से भी ज्यादा अहम है भविष्य की तैयारी। इस फैसले से घरेलू उत्पादन बढ़ाने की कोशिशों को समय मिल गया है। IREL की जापान और कोरिया के साथ साझेदारी और प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की योजनाएं अब और तेजी पकड़ सकती हैं।
यह भी पढ़ें - Car: वर्गीकरण विवादों को खत्म करने के लिए ऑटोमोबाइल पर प्रस्तावित GST दर में कटौती, हैचबैक पर टैक्स घटकर हो सकता है 28% से 18%
आगे की राह
भारतीय ऑटो इंडस्ट्री ने यह सबक कड़वे तरीके से सीखा है कि किसी एक आपूर्तिकर्ता (सप्लायर) पर निर्भर रहना खतरनाक हो सकता है। प्रतिबंध का हटना फिलहाल राहत जरूर है, लेकिन टिकाऊ भविष्य के लिए डोमेस्टिक कैपेसिटी बढ़ाना, सप्लाई चेन में विविधता लाना और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करना अब अनिवार्य हो गया है।
भारत की ऑटो इंडस्ट्री के लिए यह घटना एक चेतावनी भी है और उम्मीद भी। चेतावनी इस बात की कि एक रणनीतिक झटका पूरी इंडस्ट्री रोक सकता है। और उम्मीद इस मायने में कि भारत अब अपने ईवी ट्रांजिशन को और मजबूत, आत्मनिर्भर और लचीला बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा सकता है।
यह भी पढ़ें - Toyota Camry Sprint Edition: टोयोटा कैमरी स्प्रिंट एडिशन लॉन्च, जानें कीमत और क्या है खास
यह भी पढ़ें - FASTag: क्या अब स्टेट हाईवे के लिए अलग से फास्टैग लेना पड़ेगा? वहां टोल शुल्क कैसे कटेगा?
यह भी पढ़ें - FASTag Annual Pass: फास्टैग वार्षिक पास लॉन्च, क्या यह वाकई फायदेमंद है? ऐसे लगाएं गणित, जानें कैसे करें आवेदन
भारतीय ऑटो इंडस्ट्री ने यह सबक कड़वे तरीके से सीखा है कि किसी एक आपूर्तिकर्ता (सप्लायर) पर निर्भर रहना खतरनाक हो सकता है। प्रतिबंध का हटना फिलहाल राहत जरूर है, लेकिन टिकाऊ भविष्य के लिए डोमेस्टिक कैपेसिटी बढ़ाना, सप्लाई चेन में विविधता लाना और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करना अब अनिवार्य हो गया है।
भारत की ऑटो इंडस्ट्री के लिए यह घटना एक चेतावनी भी है और उम्मीद भी। चेतावनी इस बात की कि एक रणनीतिक झटका पूरी इंडस्ट्री रोक सकता है। और उम्मीद इस मायने में कि भारत अब अपने ईवी ट्रांजिशन को और मजबूत, आत्मनिर्भर और लचीला बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा सकता है।
यह भी पढ़ें - Toyota Camry Sprint Edition: टोयोटा कैमरी स्प्रिंट एडिशन लॉन्च, जानें कीमत और क्या है खास
यह भी पढ़ें - FASTag: क्या अब स्टेट हाईवे के लिए अलग से फास्टैग लेना पड़ेगा? वहां टोल शुल्क कैसे कटेगा?
यह भी पढ़ें - FASTag Annual Pass: फास्टैग वार्षिक पास लॉन्च, क्या यह वाकई फायदेमंद है? ऐसे लगाएं गणित, जानें कैसे करें आवेदन