ऑटो टिप्स: डैशबोर्ड पर चेक इंजन लाइट दिखे तो क्या करें? जानें किन गलतियों से बढ़ सकता है मरम्मत का खर्च
कार के डैशबोर्ड पर चेक इंजन लाइट जलना किसी सेंसर की गड़बड़ी का संकेत हो सकता है। कुछ स्थितियों में तो गाड़ी चलाते रहना महंगे पार्ट्स को नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे में लाइट जलने पर क्या करना चाहिए और किन गलतियों से बचना जरूरी है? आइए जानते हैं इस लेख में...
विस्तार
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कार चलाते समय डैशबोर्ड पर कई तरह की चेतावनी लाइट दिखाई देती हैं। इन्हीं में से एक है चेक इंजन लाइट, जो इंजन या उससे जुड़े किसी सिस्टम में संभावित खराबी का संकेत देती है। कई बार यह लाइट किसी छोटी समस्या की वजह से जलती है, लेकिन कुछ मामलों में यह गंभीर तकनीकी गड़बड़ी की ओर भी इशारा कर सकती है। ऐसे में इसे नजरअंदाज करके गाड़ी चलाते रहना आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है। चेक इंजन लाइट जलने पर सबसे जरूरी है यह समझना कि वह लगातार जल रही है या चमक रही है। इसके साथ इंजन की आवाज, गाड़ी की ताकत और तापमान पर भी ध्यान देना चाहिए।
चेक इंजन लाइट जलने पर सबसे पहले क्या करें?
- अगर चेक इंजन लाइट लगातार जल रही है और कार सामान्य तरीके से चल रही है, तो घबराने के बजाय जल्द से जल्द किसी भरोसेमंद मैकेनिक या सर्विस सेंटर से जांच कराएं।
- हालांकि, लाइट लगातार जलने का मतलब यह नहीं कहा जा सकता है कि गाड़ी चलाना हर स्थिति में सुरक्षित है। अगर साथ में कोई दूसरी चेतावनी, असामान्य आवाज या प्रदर्शन में बदलाव दिखे, तो इसे गंभीरता से लें।
- वहीं, अगर चेक इंजन लाइट तेजी से चमक रही है, इंजन कांप रहा है या गाड़ी की ताकत कम हो गई है, तो सुरक्षित जगह पर रुकना बेहतर है। ऐसी स्थिति में गाड़ी चलाते रहने से कैटेलिटिक कन्वर्टर जैसे महंगे पार्ट को नुकसान पहुंच सकता है। जरूरत पड़ने पर टोइंग की मदद लें।
फ्यूल टैंक का ढक्कन भी जांचें
- कभी-कभी फ्यूल टैंक का ढक्कन ठीक से बंद न होने या उसमें खराबी आने से भी चेक इंजन लाइट जल सकती है। अगर हाल ही में पेट्रोल या डीजल भरवाया है, तो सुरक्षित जगह पर गाड़ी रोककर ढक्कन की जांच जरूर करें और उसे सही तरीके से बंद करें।
- हालांकि, ढक्कन ठीक करने के बाद लाइट तुरंत बंद हो जाए, यह जरूरी नहीं है। अगर लाइट बनी रहती है या दोबारा जलती है, तो कार की जांच कराना जरूरी है। हर बार चेक इंजन लाइट जलने की वजह फ्यूल टैंक का ढक्कन नहीं होता।
इंजन की आवाज और गाड़ी के प्रदर्शन पर दें ध्यान
- अगर चेक इंजन लाइट के साथ इंजन से असामान्य आवाज आ रही है, गाड़ी झटके ले रही है, धुआं निकल रहा है या इंजन का तापमान बढ़ रहा है, तो इसे नजरअंदाज न करें। सुरक्षित जगह पर गाड़ी रोकें और जरूरत के मुताबिक मदद लें।
- अगर इंजन ओवरहीट हो रहा है, तो उसे बंद करके ठंडा होने दें। गर्म इंजन का रेडिएटर कैप तुरंत न खोलें, क्योंकि गर्म भाप या कूलेंट से जलने का खतरा रहता है। ऐसी स्थिति में गाड़ी को दोबारा चलाने से पहले समस्या की जांच कराना जरूरी है।
बिना जांच के पार्ट बदलने से बचें
- चेक इंजन लाइट सेंसर, स्पार्क प्लग, इग्निशन सिस्टम, फ्यूल सिस्टम से जुड़े किसी हिस्से में खराबी के कारण जल सकती है। इसकी सही वजह जानने के लिए मैकेनिक कार को डायग्नोस्टिक स्कैनर से जांच सकता है। स्कैनर से मिलने वाला फॉल्ट कोड संभावित समस्या पहचानने में मदद करता है, हालांकि कई बार सटीक खराबी का पता लगाने के लिए आगे की जांच भी जरूरी होती है।
- सिर्फ लाइट बंद कराने के लिए बैटरी डिस्कनेक्ट करना या बिना जांच के पार्ट बदलना सही तरीका नहीं है। इससे असली खराबी छिप सकती है और आगे चलकर मरम्मत का खर्च बढ़ सकता है।
बार-बार लाइट जलने पर न टालें जांच
- एक्सपर्ट्स कहते हैं कि अगर चेक इंजन लाइट बार-बार जल रही है, तो कार की जांच टालें नहीं। समय पर समस्या का पता चलने से कई बार बड़ी खराबी और महंगी मरम्मत से बचा जा सकता है।
- सर्विस सेंटर पर जांच के दौरान फॉल्ट कोड और खराबी की वजह के बारे में जानकारी जरूर लें। अगर कार वारंटी में है, तो अधिकृत सर्विस सेंटर से संपर्क करें।
- ध्यान रखें कि चेक इंजन लाइट अपने आप में किसी एक खराबी की पुष्टि नहीं करती। इसलिए लाइट की स्थिति, गाड़ी के प्रदर्शन और अन्य चेतावनियों को देखकर सही निदान कराना जरूरी है। समय पर जांच कराने से आपकी कार की सुरक्षा और इंजन की सेहत दोनों बेहतर बनी रह सकती हैं।