अक्सर लोग कार चलाते समय इंजन से जुड़ी चार चीजों की जानकारी नहीं रखते। लेकिन इनके बिना किसी भी तरह के वाहन को चलाना असंभव होता है। हम इस खबर में आपको इंजन से जुड़ी चार चीजों की जानकारी दे रहे हैं। जिससे आपको भी जानकारी मिले कि इनका किसी भी वाहन में क्या काम होता है।
क्या होता है सीसी का मतलब
किसी भी कार में इंजन की क्षमता को सीसी में बताया जाता है। इसे क्यूबिक कैपेसिटी भी कहते हैं। वाहन के इंजन में एक सिलेंडर होता है। यह उस सिलेंडर के अंदर का कुल वॉल्यूम होता है। जिस वाहन में सिलेंडर के अंदर जितनी भी खाली जगह होती है वाहन उतने ही सीसी का होता है।
यह भी पढ़ें - EV Battery: इलेक्ट्रिक कार और स्कूटर की बैटरी खराब होने से पहले देती है यह संकेत, जानें कितना आता है खर्च
क्या होता है बीएचपी का मतलब
3 of 5
For Reference Only
- फोटो : सोशल मीडिया
बीएचपी का मतलब ब्रेक हॉर्स पावर होता है। किसी भी तरह के वाहन की जानकारी देने के लिए कंपनियां बीएचपी का उपयोग करती हैं। आमतौर पर इसे हॉर्स पावर भी कहा जाता है। इससे पहियों को शक्ति मिलती है वो उतनी ही ज्यादा होती है। छोटी कारों में अधिकतम 100 से 120 बीएचपी की पावर मिलती है। मीडियम साइज की कारों में 120 से 200 बीएचपी और सुपरकारों और हाई परफॉर्मेंस वाली कारों में इससे ज्यादा बीएचपी की ताकत होती है।
यह भी पढ़ें - Car Handbrake: लंबे समय तक खड़ी रखनी हो कार, तो कभी ना लगाएं हैंडब्रेक, नहीं तो होगा बड़ा नुकसान
क्या होता है एनएम का मतलब
4 of 5
For Reference Only
- फोटो : tata motors
अक्सर जब भी किसी वाहन के इंजन की क्षमता की जानकारी दी जाती है तो एनएम यानि कि न्यूटन मीटर जैसे शब्द का भी उपयोग किया जाता है। इसके जरिए वाहन को ज्यादा तेजी से आगे बढ़ाया जाता है। अगर किसी वाहन का एनएम ज्यादा होगा वह उतनी ही जल्दी पिकअप लेगा।
यह भी पढ़ें - Rumble Strip: कई सड़कों पर एकसाथ आ जाते हैं कई स्पीड ब्रेकर, जानें कहां होता है इस्तेमाल
क्या होता है आरपीएम का मतलब
5 of 5
speedo meter
- फोटो : Google
आरपीएम का उपयोग कार में इंजन के चलने की स्पीड से जोड़ा जाता है। कार का इंजन जितनी तेजी से चलेगा उसे मिनट के साथ जोड़कर नापा जाता है। इसलिए इसे रन पर मिनट भी कहा जाता है। इंजन का क्रैंकशॉफ्ट एक मिनट में कितनी बार घूमता है यह इसकी जानकारी देता है। इसके साथ ही हर पिस्टन अपने सिलेंडर में कितनी बार ऊपर और नीचे होता है यह जानकारी कार के स्पीडोमीटर में मिलती है।
यह भी पढ़ें - Traffic Fine In India: भारत में इन पांच कारणों पर पुलिस नहीं काट सकती किसी का भी चालान, आप भी जानें