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Expressway: बंगलूरू-चेन्नई एक्सप्रेसवे पर दोपहिया, ऑटो और ट्रैक्टरों की एंट्री पर पाबंदी, इस वजह से लिया फैसला
Fri, 13 Jun 2025 08:41 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Fri, 13 Jun 2025 08:41 PM IST
सार
कर्नाटक पुलिस ने बंगलूरू-चेन्नई एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों पर दोपहिया वाहनों, ऑटो-रिक्शा और ट्रैक्टरों की आवाजाही पर सख्त पाबंदी लगा दी है।
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Expressway (For Reference Only)
- फोटो : X/@PMOIndia
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विस्तार
कर्नाटक के कोलार जिले में लगातार हो रहे जानलेवा हादसों को देखते हुए पुलिस ने बंगलूरू-चेन्नई एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों पर दोपहिया वाहनों, ऑटो-रिक्शा और ट्रैक्टरों की आवाजाही पर सख्त पाबंदी लगा दी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले तीन महीनों में 10 से ज्यादा गंभीर हादसों में 15 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
ताजा हादसे बने वजह
9 जून को मलूर तालुक के हेड़गिनबेले टोल प्लाजा के पास एक कार डिवाइडर से टकरा गई, जिसमें दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे के बाद पुलिस ने फौरन एक्सप्रेसवे पर धीमी गति से चलने वाले वाहनों की एंट्री पर रोक लगाने का फैसला लिया। क्योंकि ऐसे वाहन तेज रफ्तार गाड़ियों को अचानक ब्रेक मारने पर मजबूर करते हैं जिससे हादसे होते हैं।
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ताजा हादसे बने वजह
9 जून को मलूर तालुक के हेड़गिनबेले टोल प्लाजा के पास एक कार डिवाइडर से टकरा गई, जिसमें दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे के बाद पुलिस ने फौरन एक्सप्रेसवे पर धीमी गति से चलने वाले वाहनों की एंट्री पर रोक लगाने का फैसला लिया। क्योंकि ऐसे वाहन तेज रफ्तार गाड़ियों को अचानक ब्रेक मारने पर मजबूर करते हैं जिससे हादसे होते हैं।
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पुराने सर्कुलर का अब सख्ती से पालन
मार्च 2025 में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने दोपहिया वाहनों पर एक्सप्रेसवे पर चलने से रोक लगाने का सर्कुलर जारी किया था। लेकिन उस पर सख्ती से अमल नहीं हो पाया। पुलिस ने बताया कि अब भी बाइक, ऑटो, बैलगाड़ी और ट्रैक्टर जैसे वाहन एक्सप्रेसवे पर चलते देखे जा रहे थे, जो खुद के साथ दूसरों की जान को भी जोखिम में डाल रहे थे।
अब सख्त कार्रवाई होगी
बीईएमएल नगर पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि अब एक्सप्रेसवे पर चेतावनी वाले साइनबोर्ड लगा दिए गए हैं और दोपहिया, तिपहिया और ट्रैक्टरों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लागू कर दिया गया है। जो भी नियम तोड़ेगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह भी पढ़ें - Volkswagen Polo Edition 50: फॉक्सवैगन पोलो एडिशन 50 हुई लॉन्च, 50 साल का जश्न एक खास अंदाज में
मार्च 2025 में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने दोपहिया वाहनों पर एक्सप्रेसवे पर चलने से रोक लगाने का सर्कुलर जारी किया था। लेकिन उस पर सख्ती से अमल नहीं हो पाया। पुलिस ने बताया कि अब भी बाइक, ऑटो, बैलगाड़ी और ट्रैक्टर जैसे वाहन एक्सप्रेसवे पर चलते देखे जा रहे थे, जो खुद के साथ दूसरों की जान को भी जोखिम में डाल रहे थे।
अब सख्त कार्रवाई होगी
बीईएमएल नगर पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि अब एक्सप्रेसवे पर चेतावनी वाले साइनबोर्ड लगा दिए गए हैं और दोपहिया, तिपहिया और ट्रैक्टरों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लागू कर दिया गया है। जो भी नियम तोड़ेगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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एक्सप्रेसवे की विशेषताएं और उद्देश्य
बंगलूरू-चेन्नई एक्सप्रेसवे दक्षिण भारत का पहला ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे है, जिसे हाई-स्पीड ट्रैफिक के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी अधिकतम गति सीमा 120 किमी प्रति घंटा है। लेकिन धीमी गाड़ियों की मौजूदगी इसकी मूल भावना के खिलाफ है। और सुरक्षा के लिहाज से भी खतरा पैदा करती है।
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बंगलूरू-चेन्नई एक्सप्रेसवे दक्षिण भारत का पहला ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे है, जिसे हाई-स्पीड ट्रैफिक के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी अधिकतम गति सीमा 120 किमी प्रति घंटा है। लेकिन धीमी गाड़ियों की मौजूदगी इसकी मूल भावना के खिलाफ है। और सुरक्षा के लिहाज से भी खतरा पैदा करती है।
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68 किमी वाला खुला सेक्शन और ट्रैफिक
फिलहाल, कर्नाटक में होस्कोटे से लेकर बेतमंगला तक 68 किमी का टोल-फ्री हिस्सा जनता के लिए खुला है। जहां हर दिन करीब 1,600 से 2,000 वाहन गुजरते हैं। अधिकारियों का मानना है कि धीमी गाड़ियों पर रोक से न सिर्फ यात्रा सुगम होगी, बल्कि जान-माल का नुकसान भी रोका जा सकेगा।
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तीन राज्यों से गुजरता है ये मेगा प्रोजेक्ट
260 किमी लंबा यह एक्सप्रेसवे कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु से होकर गुजरता है और चेन्नई के पास श्रीपेरुंबदूर में खत्म होता है। यह 17,900 करोड़ रुपये की लागत से बना एक मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है। जिसका मकसद बंगलूरू से चेन्नई के बीच की यात्रा को 7 घंटे से घटाकर सिर्फ 3 घंटे करना है।
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