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EV: डोनाल्ड ट्रंप ने रद्द की कैलिफोर्निया की ऐतिहासिक इलेक्ट्रिक वाहन नीति, कानूनी टकराव की स्थिति हुई पैदा
Fri, 13 Jun 2025 07:30 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Fri, 13 Jun 2025 07:30 PM IST
सार
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक व्हाइट हाउस में एक हस्ताक्षर समारोह में तीन कांग्रेस समीक्षा अधिनियम प्रस्तावों को मंजूरी देकर कैलिफोर्निया की इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति की अनिवार्यताओं को खत्म कर दिया।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : आकाशवाणी
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक व्हाइट हाउस में एक हस्ताक्षर समारोह में तीन कांग्रेस समीक्षा अधिनियम प्रस्तावों को मंजूरी देकर कैलिफोर्निया की इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति की अनिवार्यताओं को खत्म कर दिया। यह वही नीति थी जो अमेरिका के कई राज्यों के लिए एक मिसाल बन चुकी थी। और जलवायु परिवर्तन को लेकर आक्रामक कदम उठाने वाले राज्यों की अगुवाई कर रही थी। इस फैसले को ट्रंप प्रशासन द्वारा पर्यावरण नियमों को कमजोर करने की एक और बड़ी कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। खासतौर पर ऑटो इंडस्ट्री से जुड़े नियमों को।
Electric Car
- फोटो : Freepik
2035 तक जीरो-एमिशन वाहनों का लक्ष्य था
कैलिफोर्निया की ईवी नीति को 2022 में अपडेट किया गया था। इसने शून्य-उत्सर्जन वाहन (ZEV) अपनाने के लिए एक राष्ट्रीय मानदंड निर्धारित किया था। जिसमें यह तय किया गया था कि 2035 तक राज्य में बिकने वाली हर नई पैसेंजर कार या तो इलेक्ट्रिक होगी या किसी तरह से कार्बन मुक्त। अमेरिका की करीब एक तिहाई ऑटो बाजार का प्रतिनिधित्व करने वाले एक दर्जन से ज्यादा डेमोक्रेटिक राज्यों ने इस नीति का अनुसरण करने का विकल्प चुना था।
लेकिन ट्रंप प्रशासन, जो पहले ही फेडरल व्हीकल स्टैंडर्ड को ढीला करने की दिशा में बढ़ रहा था, अब कैलिफोर्निया की क्लीन एयर एक्ट के तहत मिली स्वायत्तता को ही खत्म करने पर आमादा है। कैलिफोर्निया को यह विशेष अधिकार इसलिए मिला था क्योंकि राज्य में विशेषकर लॉस एंजेलेस और सेंट्रल वैली जैसी जगहों पर वायु प्रदूषण की समस्या लगातार बनी हुई है।
यह भी पढ़ें - Bharat NCAP Crash Test: सुरक्षा बनी सबसे बड़ी प्राथमिकता, ये हैं भारत की पांच सबसे सुरक्षित कारें
कैलिफोर्निया की ईवी नीति को 2022 में अपडेट किया गया था। इसने शून्य-उत्सर्जन वाहन (ZEV) अपनाने के लिए एक राष्ट्रीय मानदंड निर्धारित किया था। जिसमें यह तय किया गया था कि 2035 तक राज्य में बिकने वाली हर नई पैसेंजर कार या तो इलेक्ट्रिक होगी या किसी तरह से कार्बन मुक्त। अमेरिका की करीब एक तिहाई ऑटो बाजार का प्रतिनिधित्व करने वाले एक दर्जन से ज्यादा डेमोक्रेटिक राज्यों ने इस नीति का अनुसरण करने का विकल्प चुना था।
लेकिन ट्रंप प्रशासन, जो पहले ही फेडरल व्हीकल स्टैंडर्ड को ढीला करने की दिशा में बढ़ रहा था, अब कैलिफोर्निया की क्लीन एयर एक्ट के तहत मिली स्वायत्तता को ही खत्म करने पर आमादा है। कैलिफोर्निया को यह विशेष अधिकार इसलिए मिला था क्योंकि राज्य में विशेषकर लॉस एंजेलेस और सेंट्रल वैली जैसी जगहों पर वायु प्रदूषण की समस्या लगातार बनी हुई है।
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Electric Truck
- फोटो : Freepik
सिर्फ ईवी नीति नहीं, ट्रकों पर भी असर
इस बदलाव से सिर्फ पैसेंजर कारों की ईवी नीति ही नहीं, बल्कि भारी-भरकम डीजल ट्रकों और कमर्शियल ईवी बिक्री के लिए बनाए गए नियम भी रद्द हो गए हैं। ये सारे नियम लंबे समय से ऑटोमोबाइल कंपनियों और फॉसिल फ्यूल लॉबी के निशाने पर थे।
यह भी पढ़ें - Auto Tariffs: डोनाल्ड ट्रंप फिर बढ़ा सकते हैं ऑटो टैरिफ, ताकि अमेरिका में बनें ज्यादा कारें!
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Electric Car
- फोटो : Freepik
क्या ये फैसला कानूनी रूप से वैध है?
इस फैसले को लेकर अब बड़ा कानूनी सवाल उठ गया है। कांग्रेस समीक्षा अधिनियम (सीआरए) आमतौर पर केवल फेडरल एजेंसियों द्वारा बनाए गए नियमों पर लागू होता है। लेकिन कैलिफोर्निया की नीति एक राज्य की नीति है। इसीलिए सीनेट के पार्लियामेंटेरियन और गवर्नमेंट अकाउंटेबिलिटी ऑफिस जैसे संस्थानों ने इसके इस्तेमाल पर सवाल उठाए हैं।
यह भी पढ़ें - EV: भारत में ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 2030 तक 6,900 एकड़ जमीन और नौ अरब डॉलर के निवेश की जरूरत, रिपोर्ट में खुलासा
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Electric Car
- फोटो : Freepik
कैलिफोर्निया का कानूनी पलटवार
कैलिफोर्निया के अधिकारी इस फैसले के खिलाफ कोर्ट जाने की तैयारी में हैं। उनका कहना है कि अगर राज्य की स्पेशल "वाइवर" (विशेष छूट) खत्म हो जाती है, तो राज्य के क्लाइमेट और एयर क्वालिटी लक्ष्यों को बड़ा झटका लगेगा। कैलिफोर्निया एयर रिसोर्स बोर्ड (सीएआरबी) की चेयरपर्सन लियान रैंडोल्फ का कहना है कि उन्हें कोर्ट से जीत की उम्मीद है। लेकिन यह कानूनी प्रक्रिया सालों तक खिंच सकती है और इस बीच नीति लागू नहीं हो पाएगी।
इस बीच, राज्य सरकार वैकल्पिक रास्तों पर भी विचार कर रही है। जिसमें गोदामों जैसे 'अप्रत्यक्ष स्रोतों' पर सख्त प्रदूषण नियम लागू करना, ईवी सब्सिडी को और बढ़ाना, और सार्वजनिक परिवहन के लिए अधिक फंडिंग देना शामिल है।
यह भी पढ़ें - Rare Earth Magnet: रेयर अर्थ मैग्नेट की किल्लत से ऑटो उद्योग में संकट, जुलाई 2025 तक स्टॉक खत्म होने की आशंका
कैलिफोर्निया के अधिकारी इस फैसले के खिलाफ कोर्ट जाने की तैयारी में हैं। उनका कहना है कि अगर राज्य की स्पेशल "वाइवर" (विशेष छूट) खत्म हो जाती है, तो राज्य के क्लाइमेट और एयर क्वालिटी लक्ष्यों को बड़ा झटका लगेगा। कैलिफोर्निया एयर रिसोर्स बोर्ड (सीएआरबी) की चेयरपर्सन लियान रैंडोल्फ का कहना है कि उन्हें कोर्ट से जीत की उम्मीद है। लेकिन यह कानूनी प्रक्रिया सालों तक खिंच सकती है और इस बीच नीति लागू नहीं हो पाएगी।
इस बीच, राज्य सरकार वैकल्पिक रास्तों पर भी विचार कर रही है। जिसमें गोदामों जैसे 'अप्रत्यक्ष स्रोतों' पर सख्त प्रदूषण नियम लागू करना, ईवी सब्सिडी को और बढ़ाना, और सार्वजनिक परिवहन के लिए अधिक फंडिंग देना शामिल है।
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