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Home EV Charging: गुरुग्राम में बेसमेंट ईवी चार्जिंग पर विवाद, रिहायशी सोसायटी में नई चुनौती, जानें पूरा मामला

Tue, 28 Apr 2026 03:43 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amar Sharma Updated Tue, 28 Apr 2026 03:43 PM IST
सार

भारत के इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के प्रयासों में एक अप्रत्याशित रुकावट आ सकती है। और इस बार यह रुकावट रिहायशी सोसाइटियों के भीतर से ही आई है। हाल ही में गुरुग्राम से सामने आई एक घटना ने ईवी स्वामित्व के सबसे अहम पहलुओं में से एक, यानी चार्जिंग, पर एक बार फिर से सबका ध्यान खींच लिया है।

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Basement EV Charging Crisis in Gurugram Societies: Fire NOC Issue Sparks Debate
Electric Car Charging - फोटो : Freepik

विस्तार

गुरुग्राम की एक रिहायशी सोसायटी में बेसमेंट पार्किंग में लगे निजी इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जर्स को हटाने का निर्देश दिया गया है।

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यह आदेश रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) (आरडब्ल्यूए) ने जारी किया है, जो हरियाणा फायर विभाग की आपत्तियों के बाद सामने आया है।

नोटिस में साफ कहा गया है कि यह अब केवल सलाह नहीं, बल्कि अनिवार्य निर्देश है।


फायर विभाग ने क्या आपत्तियां जताई हैं?

हरियाणा अग्निशमन विभाग ने बेसमेंट में ईवी चार्जिंग को लेकर सुरक्षा चिंताएं उठाई हैं।

मुख्य चिंताओं में बढ़ते बिजली लोड से शॉर्ट सर्किट का खतरा, बंद जगहों में आग के तेजी से फैलने की संभावना और वेंटिलेशन की कमी शामिल है।

इन्हीं कारणों से सोसायटी का फायर एनओसी नवीनीकरण फिलहाल रोक दिया गया है।

क्या फायर NOC पर असर पड़ा है?

फायर विभाग की आपत्तियों के बाद सोसायटी का फायर नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) नवीनीकरण रोक दिया गया है।

जब तक बेसमेंट से निजी चार्जर्स नहीं हटाए जाते और सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक NOC जारी नहीं किया जाएगा।

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इसका EV मालिकों पर क्या असर पड़ेगा?

इस फैसले के बाद निवासियों के पास घर पर चार्जिंग का विकल्प सीमित हो गया है।

अब उन्हें सार्वजनिक या कमर्शियल चार्जिंग स्टेशनों पर निर्भर रहना पड़ेगा, जो आमतौर पर ज्यादा महंगे और कम सुविधाजनक होते हैं।

शहरी इलाकों में ईवी अपनाने का एक बड़ा कारण घर पर चार्जिंग की सुविधा है, जो अब प्रभावित हो सकती है।

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क्या यह EV अपनाने में बाधा बन सकता है?

अगर इस तरह के प्रतिबंध अन्य सोसायटी में भी लागू होते हैं, तो यह ईवी खरीदने के फैसले को प्रभावित कर सकता है।

क्योंकि ईवी उपयोगकर्ताओं के लिए रातभर घर पर चार्जिंग सबसे आसान और किफायती विकल्प होता है।

ऐसे में निजी चार्जिंग की सुविधा खत्म होना ईवी अपनाने की गति को धीमा कर सकता है।

यह भी पढ़ें - EV Charging: क्या सोसायटी पार्किंग में ईवी चार्जर लगा सकते हैं? जानें नियम, अधिकार, एनओसी और पूरी प्रक्रिया

आगे क्या रास्ता हो सकता है?

इस स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षित और मानकीकृत चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना जरूरी होगा।

बेहतर वायरिंग, वेंटिलेशन और सुरक्षा उपायों के साथ समाधान निकाला जा सकता है। जिससे ईवी उपयोग और सुरक्षा दोनों के बीच संतुलन बनाया जा सके।

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