लॉकडाउन के बाद बदल जाएगा गाड़ी खरीदने का एक्सपीरियंस, न मिलेगी टेस्ट ड्राइव, न होगा जश्न!
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- शोरूम में घुसने से पहले ग्राहकों और स्टाफ का जांचा जाएगा टेंपरेचर
- कंपनियां ऑनलाइन शोरूम्स को बढ़ावा देनने की कर रही हैं तैयारी
- अब केवल एक फोन पर नहीं मिलेगी टेस्ट ड्राइव
- शोरूम में सोशल डिस्टेंसिंग का रखा जाएगा ख्याल
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विस्तार
एम्स दिल्ली के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया का कहना है कि लोगों सोशल डिस्टेंसिंग के साथ इस खतरनाक वायरस के साथ जीने की आदत डाल लेनी चाहिए। वहीं महामारी विशेषज्ञों का कहना है कि इस वायरस का असर अगले दो साल तक रहेगा। सरकार ने लॉकडाउन को भी 17 मई तक बढ़ा दिया है। केवल ग्रीन जोन में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ शॉप्स आदि खोलने की अनुमति दी गई है। लेकिन मॉल्स और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स को अभी बंद रखा गया है। जिसके चलते ऑटोमोबाइल डीलरशिप्स अभी बंद रहेंगी। लेकिन खास बात यह होगी कि जब लॉकडाउन खुलेगा तो नई कार या बाइक खरीदने का अनुभव बिल्कुल बदल जाएगा।
यादगार होता है अनुभव
कार खरीदना खुद में एक रोमांचक अनुभव होता है। डीलरशिप पर जाना, अपनी पसंद की कार चुनना, रिसर्च करना, बाकी लोगों से उनकी कार के बारे में फीडबैक लेना, टेस्ट ड्राइव और उसके बाद कार की बुकिंग और डिलीवरी का इंतजार वाकई यादगार होता है।
आज भी अधिकांश घरों में जब नई कार घर में आती है तो एक नए सदस्य के तौर पर उसकी गिनती की जाती है। लेकिन हो सकता है अब ये अनुभव बदल जाएं और इसका जिम्मेदार होगा ये वायरस।
एतिहासिक रहा अप्रैल
वायरस के चलते हुए लॉकडाउन ने देश के ऑटो सेक्टर को वो तस्वीर दिखाई है, जिसका उन्होंने कभी सपने में भी अंदाजा नहीं लगया होगा। देश के ऑटो सेक्टर के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब घरेलू बाजार में कोई भी कार नहीं बिकी हो। ऑटो सेक्टर के लिए यह एक सियाह-रात जैसा है, जिससे उबरने में काफी वक्त लगेगा। फैक्ट्रियां बंद हैं, डीलरशिप पर ताले लगे हैं, सप्लाई चेन पूरी तरह से अस्त व्यस्त है और ऑनलाइन बिक्री का फंडा भी ज्यादा कारगर नहीं साबित हुआ है, क्योंकि यह लोगों को समझ नहीं आ रहा है।
शोरूम बदलेंगे नियम
लोग अभी भी कार खरीदने के मामले में परंपरागत शोरूम विजिट पर ही भरोसा करते हैं। लेकिन हो सकता है 17 मई के बाद जब लॉकडाउन खुले को आप इतनी आसानी से शोरूम विजिट नहीं कर पाएं। जिस हिसाब से एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया भविष्य की कहानी बयां कर रहे हैं, उसे देखते हुए अब यह इतना आसान नहीं लगता। संभव है कि शोरूम विजिट करने के नियम पहले के मुकाबले कड़े हो जाएं।
यहां तक कि शोरूम विजिट करने से पहले आपको अपाइंटमेंट लेना पड़े और जिसमें टाइमिंग का खास ख्याल रखना पड़ सकता है। टाटा मोटर्स ने अपने डीलर्स पार्टनर्स को गाइडलाइंस भेजी हैं, जिसमें स्टाफ सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर जरूरी कदम उठाने के लिए कहा गया है। वहीं जरूरी पेपरवर्क जैसे रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस आदि के लिए ग्राहक को ईमेल ईमेल करना होगा या शोरूम के बाहर एक खास बॉक्स रखा जाएगा, जहां पर इससे संबंधित दस्तावेजों को छोड़ा जा सकता है।
जांचा जाएगा टेंपरेचर
वहीं कंपनियां डीलरशिप के बाहर थर्मल गन रखने की भी योजना बना रही हैं, जहां शोरूम में एंट्री से पहले रोजाना विजिटर्स, स्टाफ का टेंपरेचर का रिकॉर्ड रखा जाएगा। यहां तक कि टेस्ट ड्राइव लेने से पहले भी टेंपरेचर जांचा जाएगा। टाटा मोटर्स, मारुति सुजुकी, टोयोटा और सुजुकी मोटरसाइकिल ने अपने डीलर्स को ग्राहकों के साथ स्टाफ की भी थर्म स्क्रीनिंग करने के लिए कहा है। साथ ही शोरूम स्टाफ के साथ वहां आने वाले हर व्यक्ति के लिए मास्क पहनना जरूरी होगा। इसके अलावा क्लीनिंग स्टाफ सैनिटाइजेशन और हाईजीन से संबंधित ट्रेनिंग देने का निर्देश है। साथ ही शोरूम की लॉबी में रखे न्यूजपेपर्स, मैगजीन, ब्रॉशर या किसी भी प्रकार की फिजिकल जानकारियों को हटाया जाएगा, इसकी जगह पर सैनिटाइज की हुई टचस्क्रीन रखी जाएंगी।
टेस्ट ड्राइव नहीं होगी आसान
वहीं अब टेस्ट ड्राइव भी पहले की तरह आसान नहीं होगी। पहले गाड़ी खरीदने से पहले लोग टेस्ट ड्राइव जरूर लेते थे, या यूं कहें कोई भी शख्स टेस्ट ड्राइव की डिमांड कर देता था। लेकिन शायद ही कंपनियां अब टेस्ट ड्राइव ऑफर करेंगी। ऑटो सेक्टर से जुड़े एक सूत्र का कहना है कि डीलरशिप स्टाफ को टेस्ट ड्राइव के लिए मना कर दिया गया है और केवल उन्ही ग्राहकों को यह ऑफर की जाएगी, जो संभावित ग्राहक होंगे। इस दौरान केवल दो लोगों को ही कार में बैठने की अनुमति होगी। जो आगे और पीछे की सीटों पर बैठेंगे।
हर ड्राइव के बाद टेस्ट व्हीकल को अच्छे से सैनिटाइज किया जाएगा। डोर हैंडल्स, स्टीयरिंग व्हील्स, गियर लीवर और सीट आदि को अच्छे से कवर किया जाएगा। वहीं कुछ डीलरशिप सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुए केवल ग्राहकों के निवास पर ही टेस्ट ड्राइव उपलब्ध करा सकती हैं।
डिलीवरी रहेगी फीकी!
कार बुक करने के बाद सबसे ज्यादा इंतजार डिलीवरी डेट का होता है। जिसकी ग्राहक बेसब्री से प्रतीक्षा करता है। इस दौरान लोग अपने पूरे परिवार के साथ पहुंचते हैं, यहां तक कि कई डीलरशिप पर तो पंडित भी होते हैं। इस दौरान केक वगैरहा के साथ फोटोग्राफ लिए जाते हैं। कुल मिलाकर कह सकते हैं कि यह कार की डिलीवरी का दिन किसी जश्नन से कम नहीं होता। लेकिन लॉकडाउन खुलने के बाद इस तरह के आयोजनों पर पाबंदी लग सकती है। केवल दो लोग ही डिलीवरी के लिए आ सकेंगे और ग्राहक को अकेले पहले जरूरी पेपरवर्क लिए बुलाया जाएगा और सादे तरीके से कार डिलीवर कर जाएगी। यहां तक कि मास डिलीवरी भी नहीं आयोजित होंगी, जिसमें एक साथ कई ग्राहकों को बुलाया जाता है।
ऑनलाइन शोरूम्स को बढ़ावा
जैसा कि वैज्ञानिक बार-बार चेतावनी दे रहे हैं कि इस वायरस का प्रकोप वैक्सीन बनने तक लगातार झेलना पड़ सकता है, ऐसे में लॉकडाउन भी कई बार किया जा सकता है, जिससे डीलरशिप भी प्रभावित होंगी। ऐसी स्थिति के लिए कंपनियां अब तैयार हैं। कंपनियां अब कार बिक्री के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स का सहारा ले रही हैं। हाल ही कुछ कंपनियों ने ऑनलाइन शोरूम भी लॉन्च किए हैं, जहां ग्राहक पंसदीदा कार का फील ले सकते हैं। जैपनीज ऑटोमेकर कंपनी के डीलरशिप के एक अधिकारी का कहना है कि ग्राहक को ऑनलाइन रिझाने की कोशिश की जाएगी, कोशिश होगी कि ग्राहक शोरूम न विजिट करे, क्योंकि कई बार लॉकडाउन होने से अधिकांश स्टाफ छुट्टी पर रहेगा ऐसे में ग्राहक को शोरूम पर एंटरटेन करने में मुश्किल होगी। वह बताते हैं कि गाड़ी की सर्विसिंग के लिए भी ग्राहक को सेंटर न आना पड़े, पिकअप और डिलीवरी की सुविधा घर पर ही मिले, साथ ही जरूरी पार्ट्स और डिलीवरी स्टेटस वह अपनी मोबाइल एप पर ही जान सके, इसकी योजना बनाई जा रही है।