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Car Care: गाड़ी के टायर कितने किलोमीटर पर बदलना सही? इन बातों तो किया नजरअंदाज तो बुरे फंसेंगे आप
Mon, 17 Mar 2025 02:34 PM IST
नीतीश कुमार
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Mon, 17 Mar 2025 02:34 PM IST
सार
कार के टायर कितने किलोमीटर चलने पर बदल देना चाहिए? जानिए कार के टायर को बदलने का सही समय क्या है।
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कार टायर
- फोटो : Adobe Stock
विस्तार
कार की सुरक्षा में टायर की अहम भूमिका होती है। यदि टायर समय पर नहीं बदले जाएं तो यह हादसों की वजह बन सकते हैं। अक्सर लोग तब तक टायर नहीं बदलते जब तक वे पूरी तरह घिस न जाएं, लेकिन ऐसा करना खतरनाक साबित हो सकता है। इसलिए समय-समय पर टायर की जांच और जरूरत पड़ने पर बदलाव जरूरी है। आइए जानते हैं कि कार के टायर कब बदलने चाहिए और कितने किलोमीटर चलने के बाद नया टायर लगवाना जरूरी होता है।
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कितने किलोमीटर चलने पर टायर बदलना चाहिए?
Car Tyre
- फोटो : Freepik
आमतौर पर एक कार का टायर 40,000 से 50,000 किलोमीटर तक अच्छा प्रदर्शन करता है। हालांकि, यह आंकड़ा टायर की क्वालिटी, सड़क की स्थिति और ड्राइविंग स्टाइल पर निर्भर करता है। यदि किसी खराब सड़क पर लगातार ड्राइविंग हो रही है तो टायर जल्दी घिस सकते हैं। वहीं, हाईवे पर चलने वाले टायर अपेक्षाकृत ज्यादा समय तक चलते हैं। गाड़ी को तेज स्पीड में भी भगाने से टायर जल्दी घिस जाते हैं।
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टायर बदलने के संकेत
Car Tyre
- फोटो : Freepik
अगर आपकी कार का टायर निम्नलिखित संकेत देने लगे तो इसे तुरंत बदलवा लेना चाहिए:
ट्रेड डेप्थ (Tread Depth) कम होना – टायर में ग्रिप बनाए रखने के लिए 1.6 मिमी से कम ट्रेड डेप्थ होने पर टायर बदल लेना चाहिए।
क्रैक्स और कट्स – टायर के साइडवॉल में दरारें या कट्स आ जाएं तो यह फट सकता है।
बार-बार पंचर होना – यदि टायर में बार-बार पंक्चर हो रहा है तो यह संकेत है कि वह कमजोर हो चुका है और जल्द बदलना चाहिए।
वाइब्रेशन और हैंडलिंग में दिक्कत – कार चलाते समय असामान्य कंपन महसूस हो या कार कंट्रोल में न रहे तो यह टायर घिसने का संकेत हो सकता है।
ट्रेड डेप्थ (Tread Depth) कम होना – टायर में ग्रिप बनाए रखने के लिए 1.6 मिमी से कम ट्रेड डेप्थ होने पर टायर बदल लेना चाहिए।
क्रैक्स और कट्स – टायर के साइडवॉल में दरारें या कट्स आ जाएं तो यह फट सकता है।
बार-बार पंचर होना – यदि टायर में बार-बार पंक्चर हो रहा है तो यह संकेत है कि वह कमजोर हो चुका है और जल्द बदलना चाहिए।
वाइब्रेशन और हैंडलिंग में दिक्कत – कार चलाते समय असामान्य कंपन महसूस हो या कार कंट्रोल में न रहे तो यह टायर घिसने का संकेत हो सकता है।
न करें ये गलती
Car Tyre
- फोटो : Adobe Stock
अगर आप सोचते हैं कि आपने तो कार ज्यादा नहीं चलाई है और ऐसे में टायर चेंज करने की जरूरत नहीं पडे़गी तो ये गलती भारी पड़ सकती है। कार के टायर को चेंज कराने के लिए किलोमीटर और समय के अलावा भी कुछ बातों को ध्यान रखना चाहिए। अगर आप कार का ज्यादा इस्तेमाल नहीं करते फिर भी समय के साथ टायर कमजोर पड़ जाते हैं। टायर के पुराना होने पर उसमें क्रैक्स दिखने लगते हैं जो काफी खतरनाक हो सकते हैं। इससे ड्राइविंग के वक्त टायर फट सकतें है जिससे आप दुर्गटना का शिकार भी हो सकते हैं।