Vastu Tips: सुख-शांति, समृद्धि और अच्छी सेहत के लिए दिशाओं के अनुसार लगाएं पौधे
- वास्तुविज्ञान के अनुसार यदि पेड़-पौधों को दिशाओं के अनुरूप सही स्थान दिया जाए तो ये चमत्कारिक लाभ प्रदान करते हैं। घर के बगीचे या बालकनी में उत्तर-पूर्व एवं पूर्व दिशा में छोटे पौधे जैसे तुलसी, गेंदा, लिली, केला, आंबला, हरीदूब, पुदीना, हल्दी आदि लगाने चाहिए।
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हरियाली को देखकर सबका मन प्रसन्न होता है यह सबके मन को भाती है,सकरात्मक ऊर्जा देती है और शुद्ध ऑक्सीजन देकर पर्यावरण को भी शुद्ध और संतुलित रखती है। इतना ही नहीं वास्तुदोष निवारण, बीमारियों को ठीक करने में एवं उत्तम स्वास्थ्य संरक्षण में वृक्ष-वनस्पतियों का योगदान सर्वाधिक महत्वपूर्ण होता हैं। स्पष्ट शब्दों में कहा जाए तो बढ़ते हुए प्रदूषण को रोकने के लिए वृक्षारोपण हमारी नैतिक जिम्मेदारी है, इन्हें लगाना हमारे लिए हर हाल में लाभकारी हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि वास्तु विज्ञान के अनुसार पेड़-पौधे घर या उसके आसपास यदि उपर्युक्त दिशा में न हो तो यह शारीरिक,आर्थिक एवं मानसिक समस्याओं का कारण भी बन सकते हैं।
हरा भरा हो पूर्व और उत्तर-पूर्व
वास्तुविज्ञान के अनुसार यदि पेड़-पौधों को दिशाओं के अनुरूप सही स्थान दिया जाए तो ये चमत्कारिक लाभ प्रदान करते हैं। घर के बगीचे या बालकनी में उत्तर-पूर्व एवं पूर्व दिशा में छोटे पौधे जैसे तुलसी, गेंदा, लिली, केला, आंबला, हरीदूब, पुदीना, हल्दी आदि लगाने चाहिए। इन दिशाओं में छोटे पौधे होने से उगते हुए सूर्य की स्वास्थ्यवर्धक रश्मियां घर में प्रवेश कर सकेंगी, जिससे परिवार के सदस्यों की सेहत दुरुस्त रहेगी, सामाजिक रिश्ते मजबूत होंगे। अद्भुत औषधीय गुणों वाला तुलसी का पौधा नकारात्मक ऊर्जा को ख़त्म करता है, वहीं यह अपने आस-पास के वातावरण को भी शुद्ध करता है, अतः इसे घर में अवश्य लगाना चाहिए। उत्तर दिशा में नीले रंग के फूल देने वाले पौधे जीवन में समृद्धि लाने में सहायक सिद्ध होंगे। नीला रंग व्यक्ति के जीवन में स्थिरता व पवित्रता लाता है।
दक्षिण व पश्चिम दिशा में लगाएं ऐसे पेड़
ऊंचे पेड़ों को सदैव घर की दक्षिण या पश्चिम दिशा में लगाना उचित माना गया है। वास्तु सिद्धांत के अनुसार सकारात्मक ऊर्जा की तरंगें हमेशा पूर्व से पश्चिम एवं उत्तर से दक्षिण तथा पूर्वोत्तर (ईशान) से दक्षिण-पश्चिम कोण (नैऋत्य)की ओर बहती है। ऐसे में ध्यान रखना चाहिए कि उत्तर और पूर्व में कम घने और छोटे पौधे ही लगाए जाएं ताकि सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह में कोई अवरोध नहीं हो। इस दिशा में पीपल का वृक्ष, नारियल का पेड़ ,नीम या अशोक का वृक्ष लगाना शुभ फलदायी होता है। लेकिन पश्चिम दिशा में भूल से भी कांटेदार पौधे या वृक्ष नहीं लगाने चाहिए। पीपल को घर से पर्याप्त दूरी पर या कहीं खुले स्थान में पश्चिम दिशा की तरफ लगाना शुभ परिणाम देता है। पीपल की विशेषता यह है कि यह 24 घंटे ऑक्सीजन छोड़ता है। वातावरण को शुद्ध करने वाला यह वृक्ष अनेकों असाध्य रोगों में लाभकारी है। सफ़ेद रंग के फूलों के पौधे जैसे चांदनी, मोगरा, चमेली आदि को पश्चिम दिशा में लगाने से लाभ एवं प्राप्तियों के अवसर बढ़ जाते हैं। इनसे बच्चों में रचनात्मक शक्ति का विकास होता है।
उत्तर-पश्चिम दिशा
भगवान शंकर को अत्यंत प्रिय बेल का वृक्ष घर की उत्तर-पश्चिम दिशा यानि वायव्य कोण में लगाना अत्यंत शुभ माना गया है। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के प्रांगण में बेल का पौधा होने से आप सभी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जाओं से बचे रहते हैं एवं वास्तुदोष दूर होकर घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। घर की उत्तर-पश्चिम दिशा में लगा बेल का पौधा वहां रहने वाले हर सदस्य को यशस्वी और तेजवान बनाता है। सम्मान तथा प्रसिद्धि की चाह रखने वाले व्यक्ति इस पौधे को इस दिशा में लगाएं।
दक्षिण-पूर्व में लगाएं ये पेड़
अनार हृदय रोग, संग्रहणी, वमन में लाभकारी एवं शक्तिवर्धक है। इसे घर से बाहर दक्षिण-पूर्व (आग्नेय) दिशा में लगाने से सुख-सौभाग्य में वृद्धि होगी। लाल रंग के फूल जीवन में ऊर्जा और उमंग भरते हैं, दक्षिण-पूर्व या दक्षिण दिशा में लगे हुए लाल फूल हमें प्रसिद्धि व यश प्रदान करते हैं।
समृद्धि एवं सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाते हैं ये पेड़
मनीप्लांट, बांस एवं क्रिसमस ट्री वास्तु की दृष्टि में समृद्धि देने वाले माने जाते हैं। अशोक एवं बांस के पेड़ लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, इसे लगाने से आपकी तरक्की होती है और घर में सुख-समृद्धि आती है।एंटी-बैक्टीरियल गुणों से भरपूर नीम का वृक्ष दूषित वायुमंडल को शुद्ध कर स्वच्छ पर्यावरण प्रदान करता है। बीमारियों को दूर रखने वाले नीम के पेड़ को वायव्य कोण में लगाना सुखद परिणम देगा।