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Vastu Tips: ऐसे जानिए कहीं आपके घर में वास्तुदोष तो नहीं... रखें इन बातों का ध्यान
Sun, 17 Dec 2023 01:28 PM IST
विनोद शुक्ला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Sun, 17 Dec 2023 01:28 PM IST
सार
वास्तुशास्त्र में घर के मंदिर की दिशा ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व को सबसे शुभ माना गया है। ऐसे में अगर आपके घर में बना मंदिर दक्षिण या पश्चिम दिशा में है तो यह अशुभ माना जाता है और इससे घर में वास्तु दोष पैदा हो सकता है।
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Vastu Shastra Niyam
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
Vastu Tips: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में वास्तुदोष और वास्तु संबंधी नियमों का विशेष महत्व होता है। वास्तु शास्त्र के अनुनसार घर और आसपास जगहों पर अगर वास्तु संबंधी कोई भी दोष होता है तो इसका नकारात्मक प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर जरूर पड़ता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार जिन स्थानों पर वास्तु दोष होता है वहां पर नकारात्मकता और दरिद्रता का वास रहता है। वास्तु दोष होने पर आर्थिक परेशानियों के साथ-साथ तरह-तरह की परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है। वास्तु दोष होने पर घर में सुख और शांति का हमेशा अभाव बना रहता है। वहीं जिन घरों में वास्तु दोष नहीं होता वहां पर हमेशा सुख-समृद्धि और संपन्नता बनी रहती है। आइए जानते हैं कैसे मालूम करें कि कहीं आपके घर में तो वास्तु संबंधी कोई दोष तो नहीं है।
घर के मुख्य द्वार की दिशा
वास्तु शास्त्र में दिशाओं का विशेष महत्व होता है। दिशा के अनुसार ही घर का निर्माण और घर में रखी हुई चीजों का वास्तुशास्त्र में खास महत्व होता है। सही दिशा में घर की स्थिति होने पर वास्तु दोष नहीं होता है। वास्तु शास्त्र में दक्षिण की दिशा को शुभ नहीं माना जाता है। ऐसे में अगर आपके घर का मुख्य द्वार दक्षिण दिशा में है तो इससे आपके घर में हमेशा ही वास्तु दोष बना रह सकता है। अगर आपके घर का मुख्य द्वार दक्षिण दिशा में है तो इस वास्तु दोष को खत्म करने के लिए घर के द्वार पर गणेश जी की प्रतिमा और दिक्दोषनाशक यंत्र वास्तुदोष निवारण का महत्वपूर्ण यंत्र माना जाता है। इस उपाय से घर में वास्तु दोष से बचा जा सकता है।
घर के मंदिर की दिशा
हिंदू धर्म में घर में बने मंदिर का विशेष महत्व होता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार मंदिर के स्थान पर सबसे ज्यादा सकारात्मक ऊर्जा हमेशा मौजूद रहती है। वास्तुशास्त्र में घर के मंदिर की दिशा ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व को सबसे शुभ माना गया है। ऐसे में अगर आपके घर में बना मंदिर दक्षिण या पश्चिम दिशा में है तो यह अशुभ माना जाता है और इससे घर में वास्तु दोष पैदा हो सकता है। ऐसे में आपको इस दिशा में मंदिर को कभी भी भूलकर नहीं रखना चाहिए। गलत दिशा में रखें मंदिर से घर के सदस्यों को तमाम तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
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टूटी-फूटी चीजों का घर पर होना
वास्तु शास्त्र के अनुसार अगर घर में टूटे-फूटे और बेकार हो चुके बर्तन या सामान रखे हुए हैं तो इससे वास्तु दोष पैदा हो सकते हैं। वास्तु में टूटे-फूटे चीजों में दरिद्रता का निशानी मानी जाती है। इससे पूरे घर में वास्तु दोष बना रहता है। ऐसे में अगर आपके घर में बेकार हो चुके बर्तन को फौरन ही घर से बाहर निकाल देना चाहिए।
बिखरा हुआ सामान
जिन घरों में हमेशा चीजें बिखरी हुई होती हैं वहां पर वास्तु दोष हो सकता है। इससे घर में आर्थिक परेशानियों के साथ मानसिक परेशानियां भी बनी रहती हैं।
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घर के मुख्य द्वार की दिशा
वास्तु शास्त्र में दिशाओं का विशेष महत्व होता है। दिशा के अनुसार ही घर का निर्माण और घर में रखी हुई चीजों का वास्तुशास्त्र में खास महत्व होता है। सही दिशा में घर की स्थिति होने पर वास्तु दोष नहीं होता है। वास्तु शास्त्र में दक्षिण की दिशा को शुभ नहीं माना जाता है। ऐसे में अगर आपके घर का मुख्य द्वार दक्षिण दिशा में है तो इससे आपके घर में हमेशा ही वास्तु दोष बना रह सकता है। अगर आपके घर का मुख्य द्वार दक्षिण दिशा में है तो इस वास्तु दोष को खत्म करने के लिए घर के द्वार पर गणेश जी की प्रतिमा और दिक्दोषनाशक यंत्र वास्तुदोष निवारण का महत्वपूर्ण यंत्र माना जाता है। इस उपाय से घर में वास्तु दोष से बचा जा सकता है।
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घर के मंदिर की दिशा
हिंदू धर्म में घर में बने मंदिर का विशेष महत्व होता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार मंदिर के स्थान पर सबसे ज्यादा सकारात्मक ऊर्जा हमेशा मौजूद रहती है। वास्तुशास्त्र में घर के मंदिर की दिशा ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व को सबसे शुभ माना गया है। ऐसे में अगर आपके घर में बना मंदिर दक्षिण या पश्चिम दिशा में है तो यह अशुभ माना जाता है और इससे घर में वास्तु दोष पैदा हो सकता है। ऐसे में आपको इस दिशा में मंदिर को कभी भी भूलकर नहीं रखना चाहिए। गलत दिशा में रखें मंदिर से घर के सदस्यों को तमाम तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
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टूटी-फूटी चीजों का घर पर होना
वास्तु शास्त्र के अनुसार अगर घर में टूटे-फूटे और बेकार हो चुके बर्तन या सामान रखे हुए हैं तो इससे वास्तु दोष पैदा हो सकते हैं। वास्तु में टूटे-फूटे चीजों में दरिद्रता का निशानी मानी जाती है। इससे पूरे घर में वास्तु दोष बना रहता है। ऐसे में अगर आपके घर में बेकार हो चुके बर्तन को फौरन ही घर से बाहर निकाल देना चाहिए।
बिखरा हुआ सामान
जिन घरों में हमेशा चीजें बिखरी हुई होती हैं वहां पर वास्तु दोष हो सकता है। इससे घर में आर्थिक परेशानियों के साथ मानसिक परेशानियां भी बनी रहती हैं।