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वास्तु के अनुसार बच्चों का कमरा हो ऐसा, करियर में मिलती है सफलता
Wed, 02 Sep 2020 01:58 PM IST
विनोद शुक्ला
अनीता जैन, वास्तुविद
अनीता जैन, वास्तुविद
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Wed, 02 Sep 2020 01:58 PM IST
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वास्तुशास्त्र में दिशाओं का महत्व
- फोटो : अमर उजाला
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माता-पिता बच्चों के करियर को बनाने के लिए खूब मेहनत करते हैं और यही चाहते हैं कि उनके बच्चों का भविष्य अच्छा हो। मगर कई बार आपकी और बच्चे की मेहनत के अनुकूल परिणाम नहीं मिल पाता, बार-बार असफलता हाथ लगती है। करियर में सफलता के लिए मेहनत के साथ-साथ बच्चों के कमरे का सही दिशा में होना एवं वास्तु के अनुसार कुछ बदलाब होना बहुत आवश्यक है।
दिशा का रखें ध्यान-
बच्चों का कमरा पूर्व, उत्तर-पूर्व दिशा में बनवाएं। पूर्व, उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा ध्यान और शांति की दिशा मानी गई है व सकारात्मक ऊर्जाओं का प्रभाव भी इसी दिशा में सबसे अधिक होता है। शिक्षा एवं अच्छे करियर की दृष्टि से यह दिशा अत्यंत शुभ मानी जाती है। बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए मकान की उत्तर-पूर्व दिशा की ऊर्जा को सक्रिय करने की हर कोशिश करें। साथ ही खिड़किया खुली रखें, ताकि ताज़ी हवा के साथ ही भरपूर सूर्य का प्रकाश भी मिले।
स्टडी टेबल की सही दिशा-
पढ़ाई की मेज रखने की सबसे उपयुक्त जगह उत्तर जोन है,यहाँ मेज रखने से बच्चे कॅरियर पर सबसे ज्यादा ध्यान देते है । पढाई हेतु कमरे में पुस्तकों की छोटी और हल्की रैक या अलमारी पूर्व या उत्तर दिशा में होनी चाहिए।टेबल लैंप मेज़ के दक्षिण-पूर्व दिशा में रखना लाभदायक होगा।टेबल कवर के रूप में सफ़ेद चादर का प्रयोग करना सात्विक विचारों में वृद्धि करता है।पड़ते समय बच्चों का मुख उत्तर या पूर्व दिशा की तरफ़ हो। इस दिशा में बैठने से बच्चे अपना लक्ष्य जल्दी प्राप्त करते हैं।
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उत्तर में न रखें मिट्टी की वस्तुएं-
घर की उत्तर दिशा में मिट्टी के बर्तन या मिट्टी से बनी कोई सजावटी चीज़ न रखें। दरअसल, उत्तर दिशा का संबंध जलतत्व से होता है और मिट्टी, पृथ्वी तत्व का प्रतिनिधित्व करती है जो जल तत्व को कमजोर कर देता है इससे बच्चों के करियर पर बुरा असर पड़ता है।
उत्तर में सिर करके न सोएं-
वास्तु के अनुसार उत्तर दिशा में सिर करके सोने से नींद बाधित होती है जिस कारण सिरदर्द रह सकता है। छात्रों को स्मृति में वृद्धि एवं एकाग्रता बढ़ाने के लिए पूर्व दिशा में सिर करके सोना लाभकारी है। पढ़ाई करने वाले बच्चों और युवाओं को वास्तु के अनुसार पश्चिम दिशा में सिर करके सोना भी अनुकूल है क्योंकि यह दिशा नाम, प्रसिद्धि, प्रतिष्ठा और समृद्धि को बढ़ाती है।
जरूरी हैं ये टिप्स-
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दिशा का रखें ध्यान-
बच्चों का कमरा पूर्व, उत्तर-पूर्व दिशा में बनवाएं। पूर्व, उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा ध्यान और शांति की दिशा मानी गई है व सकारात्मक ऊर्जाओं का प्रभाव भी इसी दिशा में सबसे अधिक होता है। शिक्षा एवं अच्छे करियर की दृष्टि से यह दिशा अत्यंत शुभ मानी जाती है। बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए मकान की उत्तर-पूर्व दिशा की ऊर्जा को सक्रिय करने की हर कोशिश करें। साथ ही खिड़किया खुली रखें, ताकि ताज़ी हवा के साथ ही भरपूर सूर्य का प्रकाश भी मिले।
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स्टडी टेबल की सही दिशा-
पढ़ाई की मेज रखने की सबसे उपयुक्त जगह उत्तर जोन है,यहाँ मेज रखने से बच्चे कॅरियर पर सबसे ज्यादा ध्यान देते है । पढाई हेतु कमरे में पुस्तकों की छोटी और हल्की रैक या अलमारी पूर्व या उत्तर दिशा में होनी चाहिए।टेबल लैंप मेज़ के दक्षिण-पूर्व दिशा में रखना लाभदायक होगा।टेबल कवर के रूप में सफ़ेद चादर का प्रयोग करना सात्विक विचारों में वृद्धि करता है।पड़ते समय बच्चों का मुख उत्तर या पूर्व दिशा की तरफ़ हो। इस दिशा में बैठने से बच्चे अपना लक्ष्य जल्दी प्राप्त करते हैं।
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उत्तर में न रखें मिट्टी की वस्तुएं-
घर की उत्तर दिशा में मिट्टी के बर्तन या मिट्टी से बनी कोई सजावटी चीज़ न रखें। दरअसल, उत्तर दिशा का संबंध जलतत्व से होता है और मिट्टी, पृथ्वी तत्व का प्रतिनिधित्व करती है जो जल तत्व को कमजोर कर देता है इससे बच्चों के करियर पर बुरा असर पड़ता है।
उत्तर में सिर करके न सोएं-
वास्तु के अनुसार उत्तर दिशा में सिर करके सोने से नींद बाधित होती है जिस कारण सिरदर्द रह सकता है। छात्रों को स्मृति में वृद्धि एवं एकाग्रता बढ़ाने के लिए पूर्व दिशा में सिर करके सोना लाभकारी है। पढ़ाई करने वाले बच्चों और युवाओं को वास्तु के अनुसार पश्चिम दिशा में सिर करके सोना भी अनुकूल है क्योंकि यह दिशा नाम, प्रसिद्धि, प्रतिष्ठा और समृद्धि को बढ़ाती है।
जरूरी हैं ये टिप्स-
- बच्चों के कमरे को साफ़ एवं मध्य को खाली रखें , इससे ऊर्जा का संचार होता रहेगा ।कक्ष की दीवारें टूटी-फूटी,सीलन युक्त न हों, कमरे की दीवारों का रंग हल्का पीला, हल्का गुलाबी या हल्का हरा हो तो बुद्धि,ज्ञान,स्फूर्ति एवं स्मरण शक्ति में वृद्धि होने लगती है।
- इस बात का ख़ास ख़्याल रखें कि बच्चों का कमरा साफ़-सुथरा हो, उनके कमरे में गंदगी न हो, वरना वास्तु के उपायों का प्रभाव कम हो सकता है।
- करियर में सफलता के लिए युवाओं के कक्ष में उत्तर दिशा की दीवार पर हरे-भरे जंगल या लहलाती फसलों का चित्र लगाने से लाभ मिलता है।
- फेंगशुई के अनुसार एज्युकेशन टावर बच्चों के कमरे में रखने से बच्चे मन लगाकर पढ़ाई करते हैं और अच्छे नंबर से पास होते हैं,पढ़ाई के साथ-साथ यह करियर के लिए भी बेहद लकी है।
- पढ़ने वाली मेज पर ग्लोब या तांबे का पिरामिड रखने से भी पढ़ने में मन लगता है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
- करियर में ऊँची उड़ान भरने के लिए कमरे की पूर्वी दीवार पर उगते हुए सूर्य की तस्वीर लगाएं, साथ ही उसी तस्वीर में पक्षी भी भी पंख फैलाए आसमान की ओर उड़ रहे हों।