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वास्तु के अनुसार जानिए कैसा होना चाहिए शयनकक्ष, किन-किन बातों का रखें ध्यान
Tue, 22 Sep 2020 02:25 PM IST
विनोद शुक्ला
अनीता जैन, वास्तुविद
अनीता जैन, वास्तुविद
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Tue, 22 Sep 2020 02:25 PM IST
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वास्तुशास्त्र में दिशाओं का महत्व
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कई बार काफी कोशिश करने के बाद भी विवाह योग्य लड़कियों के लिए उचित वर नहीं मिल पाता है कोई न कोई अड़चन आ जाती है। वास्तुशास्त्र कहता है कि घर का वास्तु दोष विवाह में देरी का कारण हो सकता है। दरअसल, वास्तु विज्ञान आपके आस-पास मौजूद चीजों से उत्पन्न ऊर्जा के नकारात्मक और सकारात्मक प्रभाव को बताता है। विवाह योग्य बिटिया का कमरा गलत दिशा में होने से उसके विवाह में विलंब हो सकता है। वहीं सही दिशा में कमरा होने से जल्दी आपके घर में शहनाई बज सकती है।
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दिशा का रखें ध्यान
वास्तु शास्त्र के अनुसार बालिग कन्याओं का जब अध्ययन पूरा हो जाए और उनका विवाह करना हो, तब उन्हें उत्तर-पश्चिम यानि वायव्य कोण में सोना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार वायव्य कोण में वायु की प्रबलता रहती है, इसलिए इस दिशा को चलायमान माना जाता है। वायव्य कोण के आधिपत्य देव चन्द्रमा हैं और देवता वायु हैं। इस प्रकार वायव्य कोण में दिशा, देव तथा ग्रह तीनों की प्रकृति चलायमान है। इसलिए विवाह योग्य कन्या के लिए वायव्य कोण का कमरा सर्वोत्तम रहता है। यदि वायव्य कोण में कमरा नहीं है तो विकल्प के रूप में उत्तर दिशा या ईशान के कमरे के उत्तर-पश्चिम में उनके रहने-सोने की व्यवस्था की जा सकती है।
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कैसा हो कमरे का रंग
विवाह योग्य कन्याओं के कमरे का रंग हल्का गुलाबी या कोई भी आँखों को सुंदर लगने वाला होना चाहिए। कभी भी अत्यधिक गहरे, भूरे, नीले एवं काले रंगों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। ऐसे रंग नकारात्मक ऊर्जा के स्तर में वृद्धि करते है।
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ध्यान रखने योग्य पांच बातें
- बालिग कन्याओं का जब विवाह करना हो और उनका अध्ययन पूरा हो जाए तब वायव्य कोण में सोना चाहिए, इससे विवाह की संभावना बढ़ जाती है।
- जो अविवाहित कन्याएं दक्षिण दिशा में सोती हैं,उनके विवाह शीघ्र नहीं होते।इसी तरह से नैऋत्य कोण में सोने वाली कन्याओं को विवाह के लिए काफी इंतज़ार करना पड़ता है।
- विवाह योग्य लड़कियों का पलंग इस प्रकार लगाना चाहिए कि उसे दोनों तरफ से उपयोग में लाया जा सके।दोनों तरफ से दीवार से सटा पलंग विवाह में रूकावट बन सकता है।
- पलंग के ऊपर किसी भी प्रकार की बीम या दुछत्ती नहीं होना चाहिए ऐसा होने से मानसिक तनाव हो सकता है जो विवाह के निर्णंय में बाधा उत्त्पन्न कर सकता है।
- विवाह की इच्छा रखने वाली लड़कियों को अपने शयन कक्ष में उत्तर दिशा की दीवार पर राधा-कृष्ण, शिव-पार्वती, लव-बर्ड्स या किसी विवाहित जोड़े की तस्वीर लगाने से विवाह के शीघ्र होने की संभावना बढ़ जाती है।