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Shani Amavasya 2022 : शनि अमावस्या पर लगेगा सूर्य ग्रहण,जानें स्नान-दान का मुहूर्त और महत्व
Tue, 26 Apr 2022 05:48 PM IST
विनोद शुक्ला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Tue, 26 Apr 2022 05:48 PM IST
सार
हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख माह के कृष्ण पक्ष का अमावस्या तिथि 29 अप्रैल को रात 12 बजकर 57 मिनट से शुरू हो जाएगी। जो 30 अप्रैल, शनिवार को रात 01 बजकर 57 मिनट तक रहेगी।
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Shani Amavasya 2022: शनिदेव की पूजा करने से प्राणी को कष्टों से मुक्ति मिलती है। नवग्रहों में शनि को न्यायाधिपति माना गया है।
- फोटो : iStock
विस्तार
हिंदू धर्म में अमावस्या और पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व होता है। हर एक माह में अमावस्या और पूर्णिमा तिथि आती है। हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख माह की अमावस्या तिथि शनिवार, 30 अप्रैल को है। शनिवार के दिन अमावस्या पड़ने के कारण इसे शनि अमावस्या या शनिश्वरी अमावस्या भी कहते हैं। शनि अमावस्या पर शनिदेव की पूजा आराधना का विशेष महत्व होता है। इस दिन शनिदोष को खत्म करने के लिए कई तरह के उपाय किए जाते हैं। इस बार शनि अमावस्या पर साल का पहला सूर्य ग्रहण भी लग रहा है। भारत में सूर्य ग्रहण आंशिक सूर्य ग्रहण होगा जिस कारण से इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा।
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शनि अमावस्या तिथि 2022
हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख माह के कृष्ण पक्ष का अमावस्या तिथि 29 अप्रैल को रात 12 बजकर 57 मिनट से शुरू हो जाएगी। जो 30 अप्रैल, शनिवार को रात 01 बजकर 57 मिनट तक रहेगी।
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अमावस्या का महत्व और दान-स्नान का शुभ मुहूर्त
सनातन धर्म में स्नान,दान, तप और ध्यान का विशेष महत्व होता है। ऐसे में अमावस्या तिथि पर शुभ योग और मुहूर्त में स्नान और दान करने पर हर तरह की मनोकामनाएं अवश्य पूरी होती है। 30 अप्रैल को शनि अमावस्या सुबह के समय प्रीति योग का निर्माण होगा फिर उसके बाद आयु्ष्मान योग शुरू हो जाएगा। शनि अमावस्या पर अश्विनी नक्षत्र होगा। ऐसे में शुभ योग और शुभ नक्षत्र के दौरान स्नान और दान करने सभी तरह के शुभ फलों की प्राप्ति होगी। धार्मिक मान्ताओं के अनुसार अमावस्या तिथि पर पवित्र नदियों में स्नान करने और दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और इस दिन पितरों की भी पूजा करते हैं। अमावस्या पर पिंडदान, तर्पण आदि करने से पितरों की आत्मा प्रसन्न होती है।
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शनि अमावस्या का महत्व
जब शनि के दिन अमावस्या तिथि पड़ती है तो इसका विशेष महत्व होता है। इस दौरान कुछ विशेष कार्य अवश्य करना चाहिए।
- शनि अमावस्या पर शनि मंदिर में जाकर शनिदेव की पूजा-आराधना करनी चाहिए।
- शनिदेव को शनि अमावस्या पर काला तिल, सरसों का तेल, नीले रंग का फूल जरूर चढ़ाएं।
- जिन लोगों के ऊपर शनिदोष या शनि साढ़ेसाती का प्रभाव है उन्हें शनि से जुड़े मंत्रों का जाप करना चाहिए।
- शनि अमावस्या पर गरीबों को भोजन कराने और असहाय लोगों की मदद करने से भी शनि देव प्रसन्न होते हैं।