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Shani Sade Sati: इन राशियों पर चल रही है साढ़ेसाती, शनि गोचर के बाद अब किसकी बारी

Tue, 30 Apr 2024 04:04 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Tue, 30 Apr 2024 04:04 PM IST
सार

17 जनवरी 2023 से 29 मार्च 2025 तक शनि कुंभ राशि में ही मौजूद रहेंगे। शनि के कुंभ राशि में विराजमान होने के कारण मकर, कुंभ और मीन राशि के जातकों के ऊपर शनि की साढ़ेसाती है।

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shani ki sade sati dhaiya impact on all 12 zodiac signs
कुंभ राशि में शनि देव विराजमान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Shani Sade Sati: शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या, वक्री चाल और महादशा आने पर व्यक्ति के जीवन में काफी उथल-पुथल मच जाती है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शनि ग्रह को एक क्रूर ग्रह माना गया है लेकिन किसी जातक की कुंडली में अगर शनि बली होते हैं तो व्यक्ति के जीवन में हर तरह की खुशी, वैभव और ऐशोआराम की प्राप्ति होती है वहीं अगर जातक की कुंडली में शनि कमजोर होते हैं तो व्यक्ति के जीवन में परेशानियों का पहाड़ खड़ा हो जाता है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शनि को आयु, दुख, रोग, सेवक और लोहा का कारक ग्रह माना जाता है। शनि मकर और कुंभ राशि के स्वामी होते हैं। शनि तुला राशि में उच्च के और मेष राशि में नीच के होते हैं। सभी ग्रहों में शनि  की गति सबसे मंद होती है। शनि की साढ़ेसाती साढ़े साती सात वर्षों तक रहती है। शनि अच्छे कर्म करने वाले जातकों को अच्छा फल जबकि बुरे कर्म करने पर बुरा फल प्रदान करते हैं। 

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कुंभ राशि में शनि
शनि देव सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह होते हैं। यह एक राशि में करीब ढाई वर्षों तक रहते हैं। शनि अभी कुंभ राशि में विराजमान हैं। आपको बता दें कि 17 जनवरी 2023 को शनि मकर राशि की यात्रा को खत्म करके अपनी दूसरी राशि कुंभ में प्रवेश किया था तब से अभी इसी राशि में हैं। इसके बाद शनि का राशि परिवर्तन 29 मार्च 2025 को होगा जब शनि मीन राशि में गोचर करेंगे और करीब ढाई वर्षों तक इसी राशि में विराजमान रहेंगे। 
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शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या
17 जनवरी 2023 से 29 मार्च 2025 तक शनि कुंभ राशि में ही मौजूद रहेंगे। शनि के कुंभ राशि में विराजमान होने के कारण मकर, कुंभ और मीन राशि के जातकों के ऊपर शनि की साढ़ेसाती है। कुंभ राशि में शनि की साढ़ेसाती होने की वजह से कर्क और वृश्चिक राशि वाले जातकों पर शनि की ढैय्या चल रही है। 
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मकर राशि पर साढ़ेसाती 
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मकर राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती का आखिरी चरण चल रहा है। मकर राशि पर साढ़ेसाती 26 जनवरी 2017 से शुरू हो गई थी जो अब 29 मार्च 2025 पर खत्म होगी। 

कुंभ राशि पर साढ़ेसाती
कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण चल रहा है। 23 फरवरी 2028 तक इस राशि के जातकों को साढ़ेसाती से छुटकारा मिल जाएगा।

मीन राशि पर साढ़ेसाती
मीन राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण जारी है। इस राशि पर शनि की साढ़ेसाती 7 अप्रैल 2030 तक रहेगी।

जानें बाकी राशियों पर कब से कब तक लगेगी साढ़ेसाती

मेष राशि पर साढ़ेसाती- 29 मार्च 2025 से 31 मई 2032 तक

वृषभ राशि पर साढ़ेसाती - 03 जून 2027 से 13 जुलाई 2034 तक

मिथुन राशि पर साढ़ेसाती- 08 अगस्त 2029 से 27 अगस्त 2036 तक

कर्क राशि पर साढ़ेसाती- 31 मई 2032 से 22 अक्तूबर 2038 तक

सिंह राशि पर साढ़ेसाती- 13 जुलाई 2034 से 29 जनवरी 2041 तक 

कन्या राशि पर साढ़ेसाती- 27 अगस्त 2036 से 12 दिसंबर 2043 तक 

तुला राशि पर साढ़ेसाती- 22 अक्तूबर 2038 से 08 दिसंबर 2046 तक

वृश्चिक राशि पर साढ़ेसाती- 28 जनवरी 2041 से 3 दिसंबर 2049 तक 

धनु राशि पर साढ़ेसाती- 12 दिसंबर 2043 से 3 दिसंबर 2049 तक

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