Rare Coincidence in April 2022 All 9 Planets: साल 2022 का चौथा महीना अप्रैल और हिंदू नववर्ष का पहला माह चैत्र ज्योतिष शास्त्र के नजरिए से बहुत ही महत्वपूर्ण रहने वाला है। चैत्र माह की शुक्ल प्रतिपदा तिथि से नया विक्रम संवत 2079 आरंभ होने जा रहा है और इस तिथि पर 09 दिनों तक चलने वाले चैत्र नवरात्रि भी शुरू हो जाएंगे। अप्रैल के महीने में दुर्लभ संयोग भी बनेगा जो बहुत ही खास होने वाला है। इस अप्रैल में सभी 09 ग्रहों का राशि परिवर्तन होगा। सभी ग्रह एक से दूसरी राशि में गोचर करेंगे जिसका विशेष प्रभाव देखने को मिलेगा। अप्रैल के महीने में चंद्रमा, सूर्य, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि और राहु-केतु जैसे ग्रहों का राशि परिवर्तन होगा। ऐसा दुर्लभ संयोग बनने की वजह से देश-विदेश की राजनीति, अर्थव्यवस्था, प्रशासनिक सेवाओं,मौसम समेत सभी राशियों के जातकों पर प्रभाव देखने को मिलेगा।
Astrology : अप्रैल में होगा सभी 9 ग्रहों का राशि परिवर्तन, इन तीन राशि के लोगों पर पड़ेगा विशेष प्रभाव
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सभी 9 ग्रहों का होगा राशि परिवर्तन
अप्रैल माह के पहले सप्ताह में सबसे पहले 07 अप्रैल 2022 को मंगल का राशि परिवर्तन कुंभ राशि में होगा। फिर इसके अगले ही दिन यानी 08 अप्रैल को बुध मीन राशि की अपनी यात्रा को विराम देते हुए मेष राशि में और 24 अप्रैल को वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे। 12 अप्रैल को राहु का मेष राशि में और केतु का तुला राशि में परिवर्तन होगा। इसके बाद 13 अप्रैल को गुरु स्वयं की राशि मीन में गोचर करेंगे। 14 अप्रैल को सूर्य मीन राशि की अपनी यात्रा को खत्म करते हुए मेष राशि में प्रवेश कर जाएंगे। 27 अप्रैल को शुक्र मीन राशि में और माह के आखिरी दिनों में यानी 29 अप्रैल को सबसे महत्वपूर्ण ग्रह शनि मकर राशि को छोड़कर कुंभ राशि में गोचर कर जाएंगे। चंद्रमा का राशि परिवर्तन हर ढाई दिनों में होता है। इस प्रकार से अप्रैल के महीने में सभी ग्रह अपनी राशि बदलेंगे।
जानें कब-कब सभी ग्रह बदलते हैं राशि
वैदिक ज्योतिषशास्त्र की गणना के अनुसार सूर्य एक महीने तक किसी एक राशि में यात्रा करते हैं फिर अगली राशि में गोचर करते हैं। चंद्रमा हर ढाई दिन में अपनी चाल बदलते हैं। मंगल ग्रह को राशि बदलने में करीब 45 दिनों का समय लेते हैं। बुध ग्रह हर 21 दिनों में एक से दूसरी राशि में परिवर्तन करते हैं। गुरु ग्रह का राशि परिवर्तन काफी लंबे वक्त बाद होता है। गुरु एक राशि में करीब 13 महीने तक रहते हैं। शुक्र ग्रह 27 दिनों तक एक राशि में यात्रा करते हैं। शनि का राशि परिवर्तन ढाई साल में होता है और छाया ग्रह माने जाने वाले राहु-केतु डेढ़ वर्ष में उल्टी चाल से चलते हुए राशि परिवर्तन करते हैं।
शनि का राशि परिवर्तन
ज्योतिष में सबसे महत्वपूर्ण ग्रह माने जाने वाले शनि 29 अप्रैल को अपनी मकर राशि की यात्रा को खत्म करके कुंभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे। शनि के राशि परिवर्तन से कुछ राशि के जातकों का राहत तो वहीं कुछ के कष्ट शुरू हो जाएंगे। मौजदा समय में शनि मकर राशि में है ऐसे में धनु,मकर और कुंभ राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती के अलग-अलग चरण चल रहे हैं।
शनि के राशि परिवर्तन से धनु राशि वालों साढ़ेसाती से छुटकारा मिल जाएगा। लेकिन मीन राशि वालों पर साढ़ेसाती शुरू हो जाएगी। वहीं मिथुन और तुला राशि वालों से शनि की ढय्या खत्म हो जाएगी। 29 अप्रैल के बाद से कर्क और वृश्चिक राशि वालों पर शनि की ढय्या शुरू हो जाएगी। हालांकि कुछ महीनों के लिए शनि की वक्री चाल चलने की वजह से दोबारा से पहले वाली स्थिति हो जाएगी।