Prayagraj Jyotish MahaKumbh 2025: आचार्य अनिल वत्स ने पत्नी सुख के लिए बताए ये उपाय, मिलेंगे अच्छे परिणाम
Jyotish MahaKumbh 2025: इस सत्र में ज्योतिष जगत के चर्चित ज्योतिषाचार्य जीडी वशिष्ठ, अनिल वत्स और आचार्य शुभेष शर्मन मौजूद थे। इसी क्रम में आइए जानते हैं ज्योतिषाचार्यों के माध्यम से ग्रहों के प्रभाव के बारे में।
विस्तार
Jyotish MahaKumbh 2025: ज्योतिष महाकुंभ महोत्सव में भविष्य का ज्योतिष और ज्योतिष का भविष्य सत्र आयोजित किया गया और ज्योतिष और भविष्य के विषय में चर्चा की गई। यह सत्र इसलिए भी विशेष है क्योंकि इस सत्र में ज्योतिष जगत के चर्चित ज्योतिषाचार्य जीडी वशिष्ठ, अनिल वत्स और आचार्य शुभेष शर्मन मौजूद थे। इसी क्रम में आइए जानते हैं ज्योतिषाचार्यों के माध्यम से ग्रहों के प्रभाव के बारे में।
क्या है पंच महापुरुष योग ?
आचार्य जीडी वशिष्ठ ने कहा कि राहु हमारी सोच है और केतु कर्म है। वहीं उन्होंने पंच महापुरुष के विषय में बताया कि मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र व शनि के कारण पांच विशिष्ट योग बनते हैं, जिन्हें 'पंच महापुरुष' योग कहा जाता है। ज्योतिष शास्त्र में इसे भाग्यशाली माना गया है।
सूर्य और चंद्रमा को मजबूत करने के उपाय
आचार्य अनिल वत्स ने कुंडली में ग्रहों की स्थिति को मजबूत करने के लिए उपाय बताए। उन्होंने कहा यदि किसी जातक को कुंडली में चंद्रमा मजबूत करना है, तो वह अपनी माता के चरण स्पर्श करें। वहीं सूर्य को मजबूत करना है तो पिता के पैर छुएं, यह एक आसान तरीका है।
आचार्य अनिल वत्स कहते हैं कि एक कटोरी में जल लेकर उसमें दो इलायची डाल दें। अब एक मंत्र का जाप करें। मंत्र का जप करने के बाद उसमें फूंक मार दें और फिर उस जल को पीलें। ऐसा करने पर उस जल में मंत्र का प्रभाव उतर जाता है और जातक को शक्ति मिलती हैं।
आचार्य शुभेष शर्मन ने बताया दान का महत्व
आचार्य अनिल वत्स ने कहा कि ग्रहों का अपना औरा और विद्युत चक्र है। जलाशय में जैसे पत्थर फेंकते हैं तो भंवर उठकर अंतिम छोर तक जाता है। इसी तरह ग्रहों के लिए उपाय करने से समाधान मिलता है। चंद्रमा मां, सूर्य पिता, शुक्र पति या पत्नी का रूप होते हैं। शनि घर के कर्मचारी जैसे होते हैं। इसी पर शुभेष शर्मन ने कहा कि या तो हम ग्रहों की वस्तुओं को अपनाते हैं या दूर करते हैं। वस्तुएं यानी रत्न, धातुएं या सजीव संबंधी। वस्तुओं को अपने से दूर करना यानी दान करना। जैसे- गोशाला में जाकर चारा दान करना या चने की दाल के साथ गुड़ खिलाना या बछड़े की सेवा करना। वैदिक ज्योतिष कहता है कि दान करें, लेकिन सही जगह करें और सही पात्र को दान करें।