Guru Gochar 2024: जानिए कर्क राशि के लोगों पर गुरु के राशि परिवर्तन का क्या होगा असर
गुरु के राशि परिवर्तन से सभी जातकों के जीवन पर कुछ न कुछ प्रभाव अवश्य ही देखने को मिलता है। देवगुरु बृहस्पति 01 मई को शुक्र की राशि वृषभ में प्रवेश करने वाले हैं।
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Guru Gochar 2024: वैदिक ज्योतिष के अनुसार जो ग्रह सबसे धीमी चाल से चलते हैं उनके राशि परिवर्तन का प्रभाव बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। ग्रहों में शनि और गुरु का राशि परिवर्तन कई महीनों के बाद होता है। शनि जहां ढाई वर्षों में राशि परिवर्तन करते है तो वहीं गुरु 13 महीनों में अपनी राशि बदलते हैं। आपको बता दें देवताओं के गुरु बृहस्पति करीब एक वर्ष बाद राशि परिवर्तन करने वाले हैं। गुरु का राशि परिवर्तन सभी राशियों के जातकों के लिए महत्वपूर्ण होने वाला है। गुरु के राशि परिवर्तन से सभी जातकों के जीवन पर कुछ न कुछ प्रभाव अवश्य ही देखने को मिलता है। देवगुरु बृहस्पति 01 मई को शुक्र की राशि वृषभ में प्रवेश करने वाले हैं। फिर दो दिन के बाद ही यानी 3 मई को अस्त भी हो जाएंगे। गुरु के वृषभ राशि में गोचर करने से कर्क राशि के जातकों के जीवन पर किस तरह का परिवर्तन देखने को मिलेगा आइए करते हैं इसका ज्योतिषीय विश्लेषण।
कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों के लिए देवगुरु बृहस्पति छठे और नवम भाव के स्वामी हैं। अब देवगुरु बृहस्पति का गोचर आपके लाभ स्थान में होने जा रहा है। इस भाव से व्यक्ति की इच्छा पूर्ति का ज्ञान किया जाता है। इस भाव में विराजमान देवगुरु बृहस्पति की दृष्टि आपके तृतीय भाव पंचम भाव और सप्तम भाव पर रहने वाली है।
कर्क राशि के जातकों के लिए देवगुरु बृहस्पति का गोचर उनकी सभी इच्छाओं की पूर्ति करने वाला रहने वाला है। इस समय आपको अपने व्यवसाय में इच्छित लाभ की प्राप्ति होगी। आपने पिछले समय में जो मेहनत की है अब आपको उसे मेहनत का लाभ अवश्य प्राप्त होगा।
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देवगुरु बृहस्पति की कृपा से कर्क राशि के जातकों के लिए उनके साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी। भाई बहनों का सहयोग प्राप्त होगा। यात्राओं से लाभ होगा। इसके अलावा अगर काफी समय से आप संतान प्राप्ति की कोशिश कर रहे हैं तो बृहस्पति के इस गोचर के दौरान आपके घर में किसी नन्हे मेहमान का आगमन भी हो सकता है।
देवगुरु बृहस्पति के प्रभाव से आपके वैवाहिक जीवन में भी सुख और आनंद की स्थिति बनी रहेगी। इसके अलावा आपकी पत्नी के माध्यम से आपको अनेक लाभ की प्राप्ति होने के योग हैं।
ज्योतिष शास्त्र में गुरु का महत्व
हिंदू धर्म में देवगुरु बृहस्पति को देवगुरु माना गया है। शास्त्रों में गुरु का स्थान विशेष होता है। जिन जातकों की कुंडली में गुरु की मजबूत स्थिति होती है उन्हे जीवन में हर तरह के सुख की प्राप्ति होती है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार धनु और मकर राशि के स्वामी ग्रह गुरु होते हैं। यह कर्क राशि में उच्च के जबकि मकर राशि में नीच के होते हैं। जिन लोगों की कुंडली में देवगुरु बृहस्पति का गोचर जन्म राशि से दूसरे, पांचवें, सातवें, नौवें और ग्यारहवें भाव में होते हैं शुभ फल की प्राप्ति होती है।