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Chandra Grahan 2025: 7 सितंबर को चंद्र ग्रहण, जानिए सूतक काल और कब से लगेगा यह ग्रहण
Sun, 31 Aug 2025 01:30 PM IST
विनोद शुक्ला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Sun, 31 Aug 2025 01:30 PM IST
सार
Chandra Grahan 2025: साल का यह दूसरा चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा ऐसे में ग्रहण का सूतक काल मान्या रहेगा। चंद्र ग्रहण सूतककाल ग्रहण के लगने के 9 घंटे जबकि सूर्य ग्रहण में 5 घंटे पहले शुरू हो जाता है।
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Chandra grahan 2025
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
Chandra Grahan 2025: 07 सितंबर को साल का दूसरा चंद्र ग्रहण लगेगा। यह एक पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा जिसमें ब्लड मून का नजारा देखने को मिलेगा। यह चंद्र ग्रहण भारत में देखा जा सकेगा जिसके कारण इसका सूतक काल मान्य रहेगा। चंद्रग्रहण के दौरान सूतक ग्रहण से 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है। चंद्र ग्रहण के बाद 21 सितंबर को सूर्य ग्रहण भी लगेगा। साल 2025 का यह चंद्रग्रहण करीब 82 मिनट तक चलेगा जिसमें चंद्रमा सुर्ख लाल रंग का दिखाई देगा। आइए जानते हैं इस चंद्र ग्रहण की खास बातें।
चंद्र ग्रहण 2025 का समय
साल 2025 में चंद्र ग्रहण 7 और 8 सितंबर के दरमियान लगेगा। यह चंद्र ग्रहण बहुत ही खास रहेगा क्योंकि ये ब्लड मून रहेगा। भारतीय समय के अनुसार यह चंद्र ग्रहण 7 सितंबर को रात करीब 10 बजे से शुरू होगा और जो 08 सितंबर की मध्य रात्रि तक चलेगा। ग्रहण का स्पर्श काल रात 11 बजकर 09 मिनट रहेगा। ग्रहण का मध्यकाल रात 11 बजकर 42 मिनट तक रहेगा। ग्रहण का मोक्ष काल रात 12 बजकर 23 मिनट तक रहेगा।
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भारत में चंद्र ग्रहण देगा दिखाई
साल का यह दूसरा चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा ऐसे में ग्रहण का सूतक काल मान्या रहेगा। चंद्र ग्रहण सूतककाल ग्रहण के लगने के 9 घंटे जबकि सूर्य ग्रहण में 5 घंटे पहले शुरू हो जाता है। पंचांग के अनुसार यह चंद्र ग्रहण भाद्रपद माह की पूणिमा तिथि पर लगेगा और इस दिन से पितृपक्ष की शुरुआत होगी। यह चंद्र ग्रहण कुंभ राशि में लगेगा। इस दौरान चंद्रमा पूर्वाभाद्रपद और शतभिषा नक्षत्र में विराजमान होंगे।
साल का यह दूसरा चंद्रग्रहण भारत में देखा जा सकेगा जिस कारण से इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। चंद्र ग्रहण में सूतक काल ग्रहण के 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है। ऐसे में 07 सितंबर को सूतक काल दोपहर 12 बजकर 57 मिनट पर शुरू होगा। सूतक काल में किसी भी तरह का शुभ कार्य और पूजा पाठ करना वर्जित होता है। इसमें मंदिरों के पट बंद कर दिया जाता है।
पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है तो सूर्य के रोशनी चंद्रमा तक नहीं पहुंच पाती हैं और चंद्रमा पर पृथ्वी की छाया पड़ती है। इस दौरान चंद्रमा का रंग लालिमा लिए होता है या फिर काला रंग का होता है । इसे ही चंद्र ग्रहण कहते हैं।
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चंद्र ग्रहण 2025 का समय
साल 2025 में चंद्र ग्रहण 7 और 8 सितंबर के दरमियान लगेगा। यह चंद्र ग्रहण बहुत ही खास रहेगा क्योंकि ये ब्लड मून रहेगा। भारतीय समय के अनुसार यह चंद्र ग्रहण 7 सितंबर को रात करीब 10 बजे से शुरू होगा और जो 08 सितंबर की मध्य रात्रि तक चलेगा। ग्रहण का स्पर्श काल रात 11 बजकर 09 मिनट रहेगा। ग्रहण का मध्यकाल रात 11 बजकर 42 मिनट तक रहेगा। ग्रहण का मोक्ष काल रात 12 बजकर 23 मिनट तक रहेगा।
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साल का यह दूसरा चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा ऐसे में ग्रहण का सूतक काल मान्या रहेगा। चंद्र ग्रहण सूतककाल ग्रहण के लगने के 9 घंटे जबकि सूर्य ग्रहण में 5 घंटे पहले शुरू हो जाता है। पंचांग के अनुसार यह चंद्र ग्रहण भाद्रपद माह की पूणिमा तिथि पर लगेगा और इस दिन से पितृपक्ष की शुरुआत होगी। यह चंद्र ग्रहण कुंभ राशि में लगेगा। इस दौरान चंद्रमा पूर्वाभाद्रपद और शतभिषा नक्षत्र में विराजमान होंगे।
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चंद्र ग्रहण में कितने बजे शुरू होगा सूतक कालसाल का यह दूसरा चंद्रग्रहण भारत में देखा जा सकेगा जिस कारण से इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। चंद्र ग्रहण में सूतक काल ग्रहण के 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है। ऐसे में 07 सितंबर को सूतक काल दोपहर 12 बजकर 57 मिनट पर शुरू होगा। सूतक काल में किसी भी तरह का शुभ कार्य और पूजा पाठ करना वर्जित होता है। इसमें मंदिरों के पट बंद कर दिया जाता है।
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कब लगता है चंद्र ग्रहणपृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है तो सूर्य के रोशनी चंद्रमा तक नहीं पहुंच पाती हैं और चंद्रमा पर पृथ्वी की छाया पड़ती है। इस दौरान चंद्रमा का रंग लालिमा लिए होता है या फिर काला रंग का होता है । इसे ही चंद्र ग्रहण कहते हैं।