फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Festivals ›   Apara Ekadashi 2025 Date Auspicious Rituals For Good luck Apara Ekadashi Par kya Karein

Apara Ekadashi 2025: आज अपरा एकादशी पर करें ये 6 शुभ कार्य, मिलेगा अपार फल और दुखों से मुक्ति

Fri, 23 May 2025 05:48 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Fri, 23 May 2025 05:48 AM IST
सार

Apara Ekadashi 2025: एकादशी के दिन प्रातःकाल स्नान के बाद भगवान विष्णु की प्रतिमा को पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल) से स्नान कराएं। इसके बाद उन्हें पीले फूल, तुलसीदल और पीले वस्त्र अर्पित करें।

विज्ञापन
Apara Ekadashi 2025 Date Auspicious Rituals For Good luck Apara Ekadashi Par kya Karein
अपरा एकादशी 2025 - फोटो : adobe stock

विस्तार

Apara Ekadashi 2025: शास्त्रों में, ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की एकादशी को अपरा एकादशी कहा गया हैं। इसे भद्रकाली एकादशी या जलक्रीड़ा एकादशी भी कहा जाता है। “अपरा” का अर्थ है अपार फल देने वाली। इस दिन भगवान विष्णु संग माँ लक्ष्मी और देवी दुर्गा के स्वरुप मां भद्रकाली की आराधना विशेष पुण्यदायक मानी गई है। अपरा एकादशी व्रत का पालन करने वाले मनुष्य सद्गति को प्राप्त होते हैं। इस व्रत को करने से चित्त की शुद्धि होती है और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग खुलता है।
विज्ञापन

 
1. भगवान विष्णु को पंचामृत से स्नान कराएं और तुलसी अर्पित करें
एकादशी के दिन प्रातःकाल स्नान के बाद भगवान विष्णु की प्रतिमा को पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल) से स्नान कराएं। इसके बाद उन्हें पीले फूल, तुलसीदल और पीले वस्त्र अर्पित करें। फिर 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का 108 बार जप करें। यह उपाय अपार पुण्य देने वाला माना जाता है।साथ में लक्ष्मीजी का पूजन करें।  
विज्ञापन


2. मां भद्रकाली को लाल फूल और अक्षत अर्पित करें
इस दिन मां दुर्गा के भद्रकाली रूप की पूजा करने से भय, रोग और शत्रु बाधा से मुक्ति मिलती है। लाल फूल, रोली, अक्षत और चूड़ियां अर्पित करें। मां को हलवा या गुड़-चने का भोग लगाएं और यथाशक्ति देवी के मंत्रों का जप करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

Shani Pradosh Vrat 2025: शनि प्रदोष व्रत में करें ये आसान उपाय, मिलेगी शिव जी और शनिदेव की कृपा

3. घर के पूजा स्थल में बनाएं जलक्रीड़ा की झांकी
इस दिन भगवान विष्णु के जलक्रीड़ा स्वरूप को ध्यान में रखते हुए घर के पूजा स्थान में एक छोटी सी झांकी बनाएं। किसी पात्र में जल भरकर उसमें छोटी लकड़ी की नौका रखें और उस पर भगवान विष्णु व लक्ष्मीजी की छोटी प्रतिमा या चित्र रखें। इसे दीपक व फूलों से सजाएं। यह उपाय धन, सुख और शुभता को आकर्षित करता है।

Jyeshtha Month 2025: ज्येष्ठ माह में पानी पिलाने का क्या है धार्मिक महत्व, जानें क्यों किया जाता है जल दान

4. गंगाजल से पूरे घर में छिड़काव करें
जल तत्व की शुद्धि और नकारात्मक ऊर्जा को हटाने के लिए इस दिन गंगाजल में थोड़ा सा गुलाब जल मिलाकर पूरे घर में छिड़काव करें। विशेष रूप से पूजास्थल, मुख्य द्वार और रसोई में छिड़कने से घर में सकारात्मक ऊर्जा और देवी-देवताओं की कृपा बनी रहती है।

5. पीपल के वृक्ष के नीचे दीपक जलाएं और विष्णु मंत्र का जप करें
शाम के समय पीपल के वृक्ष के नीचे तिल के तेल का दीपक जलाएं और 108 बार ‘ॐ वासुदेवाय नमः’ मंत्र का जप करें। पीपल में विष्णु का वास माना गया है। यह उपाय पूर्व जन्मों के पापों का क्षय करता है।

6. निर्धनों को जल और छाते का दान करें
ज्येष्ठ माह में गर्मी अधिक होती है और जलक्रीड़ा एकादशी का संबंध जल तत्व से है। अतः इस दिन ठंडे पानी, शरबत या जलपात्र का दान करें। यदि संभव हो तो छाता या कपड़े का दान करें। इससे विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है और पितृ दोष भी शांत होता है।


 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed