फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Astrology ›   Predictions ›   Adhik Mass 2020 important vrat of purushottam Mass know significance

Adhik Mass 2020: पुरुषोत्तम मास में रखें ये व्रत, जीवन की सारी बधाएं हो जाएंगी दूर

Tue, 22 Sep 2020 06:52 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: रुस्तम राणा Updated Tue, 22 Sep 2020 06:52 AM IST
विज्ञापन
Adhik Mass 2020 important vrat of purushottam Mass know significance
अधिकमास 2020: - फोटो : adhikmaas

यह आश्विन अधिक मास चल रहा है। यह महीना 16 अक्टूबर को समाप्त होगा। शास्त्रों में इसे पुरुषोत्तम माह कहा गया है। इस महीने भगवान विष्णु जी की आराधना की जाती है। अधिक मास में मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। लेकिन ऐसे कई कार्य हैं जो इस महीने करने से सर्वाधिक लाभ की प्राप्ति होती है। 

विज्ञापन


अधिक मास में भगवान विष्णु और भगवान शिव की पूजा का महत्व बताया गया है। इसलिए इस महीने सोमवार के दिन शिव आराधना करनी चाहिए। गुरुवार के दिन विष्णु जी की पूजा जरूर करनी चाहिए। वहीं अधिक मास में नवग्रहों की शांति के लिए शनिवार के दिन नवग्रह शांति के उपाय करने चाहिए।
विज्ञापन


शास्त्रों में बताया गया है कि पुरुषोत्तम माह में सोमवार के दिन भगवान शिव की आराधना करने से दस गुणा अधिक फल की प्राप्ति होती है। इस महीने सोमवार के दिन भगवान शिव की आराधना का महत्व है। शिव आराधना के लिए सोमवार व्रत रखना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


पुरुषोत्तम माह में बुधवार के दिन गणपति महाराज की पूजा करनी चाहिए। वहीं पद्मपुराण में यह बताया गया है कि अधिक मास में गुरुवार से लेकर शनिवार, रविवार और सोमवार का व्रत रखने वाले भक्तों के जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। 

मलमास में रुद्राभिषेक का महत्व बताया गया है। शास्त्रों के अनुसार पुरुषोत्तम माह में नवग्रहों की शांति के उपाय जरूर करने चाहिए। उपाय के रूप में शनिवार के दिन रुद्राभिषेक करना चाहिए। ऐसा करने से आपकी कुंडली में सारे ग्रह आपके अनुकूल हो जाएंगे। ऐसा करने से आपके जीवन में सुख-सुविधा में बढोतरी होगी।

अधिक मास में शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को पद्मिनी एकादशी व्रत आता है। ऐसा कहा जाता है कि इस महीने जो व्यक्ति यह व्रत करता है उसे सभी एकादशी व्रत के समान फल की प्राप्ति होती है। पद्मिनी एकादशी व्रत इस महीने 27 सितंबर रविवार के दिन रखा जाएगा। यह व्रत एकादशी तिथि में रखा जाता है जबकि व्रत का पारण द्वादशी तिथि के दिन किया जाता है।

अधिक मास में ही परम एकादशी व्रत पड़ेगा। अधिक मास की यह दूसरी एकादशी है। अधिक मास में एकादशी का व्रत विशेष माना गया है। पद्मिनी एकादशी के बाद परम एकादशी का व्रत मोक्ष प्रदान करने वाला माना गया है। यह एकादशी व्रत 13 अक्टूबर को पड़ रहा है।

पुरुषोत्तम मास में भगवान विष्णु जी की स्तुति के लिए सबसे बढ़िया उपाय विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र का पाठ माना जाता है। वहीं ज्योतिष के जानकार मानते हैं कि विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र के पाठ से कुंडली का बृहस्पति ग्रह मजबूत होता है।


ऐसा कहा जाता है कि अधिक या मलमास में जो कोई जातक सत्यनारायण की कथा सुनता है। उसे जातक को इसका अत्यधिक लाभ मिलता है। इस महीने भगवान विष्णु की आराधना करनी चाहिए। क्योंकि मलमास में ही पद्मिनी एकादशी आती है जो विष्णु जी को बेहद ही प्रिय है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Astrology News in Hindi related to daily horoscope, tarot readings, birth chart report in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Astro and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed