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इन सरल सनातनी उपायों से दूर हो जाती है बाधाएं, जल्दी कट जाता है बुरा समय
Sun, 16 Dec 2018 10:48 PM IST
Madhukar Mishra
आचार्य आदित्य
आचार्य आदित्य
Published by: Madhukar Mishra
Updated Sun, 16 Dec 2018 10:48 PM IST
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बुरा समय कभी भी और किसी पर भी अपना प्रभाव डाल देता है। ऐसे हालातों में मनुष्य अपने आप को निष्क्रिय समझने लगता है। उसे ऐसा लगने लगता है, जैसे कि उसका बुरा समय कभी जायेगा ही नहीं और उसे छोड़कर बाकी सभी का भाग्य उन्नति कर जायेगा। बुरा समय कई रूप में सामने आता है। जैसे — ख़राब सेहत, आर्थिक परेशानी, बेरोज़गारी, कर्ज़दारी, कोर्ट कचहरी के मामले, तंत्र एवं ऊपरी बाधा इत्यादि। जिंदगी में इन सभी के आने पर मनुष्य अपने को असहाय महसूस करता है। ऐसी विपरीत स्थिति में भी कुछ ऐसे उपाय होते हैं, जिनका पालन करने से अपने बुरे समय में भी उन्नति की ओर अग्रसर हुआ जा सकता है। इन उपायों की विशेष बात यह है कि इन्हें कोई भी कर सकता है। इन उपायों का लाभ उठा सकता है। इनमें से कुछ मुख्य उपाय इस प्रकार हैं —
- सूर्य को अघ्र्य देना और आदित्य ह्रदय स्तोत्र का पाठ करें। सूर्य को प्रत्यक्ष नारायण बोला गया है और सूर्य उपासना से बुरे से बुरे समय/स्थिति का नाश किया जा सकता है।
- श्री विष्णु सहस्त्रनाम का रविवार और बुधवार के दिन पाठ करें। इसका पाठ करने से दरिद्रता दूर होती है और धन के स्तोत्र प्रशस्त होते हैं।
- शुक्रवार के दिन महालक्ष्मी का व्रत करने से और श्री कनक धारा स्तोत्र का पाठ करने से विपरीत समय अनुकूल होने लगता है और परेशानियां समाप्त होती हैं। बेरोज़गारी और आर्थिक परेशानियां भी समाप्त हो जाती हैं।
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- महालक्ष्मी को कमल गट्टे की माला और कमल का फूल अर्पित करने से विपरीत समय अनुकूल हो जाता है।
- प्रदोष का व्रत करने से और श्री शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करने से विपरीत समय समाप्त होता है और उन्नति के मार्ग प्रशस्त होते हैं।
- शनि से पीड़ित मनुष्य को दशरथ कृत शनि स्तोत्र का पाठ करना चाहिए और शनि के दस नाम का नित्य पाठ करना चाहिए।
- श्री दुर्गा अर्गला स्तोत्र का नित्य पाठ करने से शारीरिक, दैविक और भौतिक बाधाएं समाप्त होती हैं।
- तुलसी के पौधे की सेवा और पूजन से भी विपरीत समय अनुकूल होने लगता है।
- पीपल के पेड़ की सेवा करने से और नित्य अश्वथ स्तोत्र का पाठ करने से भी समय अनुकूल होने लगता है और स्वास्थ्य भी ठीक रहता है। कोई गंभीर रोग लग गया हो तो वह भी ठीक होने लगता है।
- बजरंग बाण का पाठ करने से बड़े से बड़ी तंत्र बाधा एवं शारीरिक पीड़ा भी समाप्त हो जाती है।
- तंत्र एवं ऊपरी बाधा के कारण होने वाली पीड़ा से मुक्ति के लिए भगवान् काल भैरव को दूध/सुरा चढ़ाएं और श्री काल भैरव अष्टकम् का पाठ करें।
- ऋण मुक्ति के लिए ऋण मोचक मंगल स्तोत्र का पाठ मंगलवार के दिन करना चाहिए।
- माता बगलामुखी के दर्शन एवं मूल मंत्र के जाप से कोर्ट कचेहरी एवं सरकारी कोप के मामलों से मुक्ति मिलती है।
- शत्रुनाश के लिए श्री बटुक भैरव के आपदुद्धारक मंत्र का जाप करना चाहिए।
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- सूर्य को अघ्र्य देना और आदित्य ह्रदय स्तोत्र का पाठ करें। सूर्य को प्रत्यक्ष नारायण बोला गया है और सूर्य उपासना से बुरे से बुरे समय/स्थिति का नाश किया जा सकता है।
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- श्री विष्णु सहस्त्रनाम का रविवार और बुधवार के दिन पाठ करें। इसका पाठ करने से दरिद्रता दूर होती है और धन के स्तोत्र प्रशस्त होते हैं।
- शुक्रवार के दिन महालक्ष्मी का व्रत करने से और श्री कनक धारा स्तोत्र का पाठ करने से विपरीत समय अनुकूल होने लगता है और परेशानियां समाप्त होती हैं। बेरोज़गारी और आर्थिक परेशानियां भी समाप्त हो जाती हैं।
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- महालक्ष्मी को कमल गट्टे की माला और कमल का फूल अर्पित करने से विपरीत समय अनुकूल हो जाता है।
- प्रदोष का व्रत करने से और श्री शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करने से विपरीत समय समाप्त होता है और उन्नति के मार्ग प्रशस्त होते हैं।
- शनि से पीड़ित मनुष्य को दशरथ कृत शनि स्तोत्र का पाठ करना चाहिए और शनि के दस नाम का नित्य पाठ करना चाहिए।
- श्री दुर्गा अर्गला स्तोत्र का नित्य पाठ करने से शारीरिक, दैविक और भौतिक बाधाएं समाप्त होती हैं।
- तुलसी के पौधे की सेवा और पूजन से भी विपरीत समय अनुकूल होने लगता है।
- पीपल के पेड़ की सेवा करने से और नित्य अश्वथ स्तोत्र का पाठ करने से भी समय अनुकूल होने लगता है और स्वास्थ्य भी ठीक रहता है। कोई गंभीर रोग लग गया हो तो वह भी ठीक होने लगता है।
- बजरंग बाण का पाठ करने से बड़े से बड़ी तंत्र बाधा एवं शारीरिक पीड़ा भी समाप्त हो जाती है।
- तंत्र एवं ऊपरी बाधा के कारण होने वाली पीड़ा से मुक्ति के लिए भगवान् काल भैरव को दूध/सुरा चढ़ाएं और श्री काल भैरव अष्टकम् का पाठ करें।
- ऋण मुक्ति के लिए ऋण मोचक मंगल स्तोत्र का पाठ मंगलवार के दिन करना चाहिए।
- माता बगलामुखी के दर्शन एवं मूल मंत्र के जाप से कोर्ट कचेहरी एवं सरकारी कोप के मामलों से मुक्ति मिलती है।
- शत्रुनाश के लिए श्री बटुक भैरव के आपदुद्धारक मंत्र का जाप करना चाहिए।