केतु आज धनु से वृश्चिक राशि में प्रवेश कर रहे हैं। केतु का गोचर बड़ी ज्योतिषीय घटनाओं में से एक माना जाता है। केतु के इस गोचर का प्रभाव सभी राशियों पर पड़ने वाला है। ज्योतिष में केतु देव को छाया ग्रह की संज्ञा दी गई है। इनका कोई अपना वास्तविक आकार या स्वरूप नहीं है। ज्योतिष गणना के अनुसार, अगर आपकी कुंडली में केतु मजबूत हैं, तो आपके लिए ये बेहद ही शुभ परिणामकारी होंगे। लेकिन अगर केतु की अशुभ दशा आपके ऊपर है तो ये आपके लिए संकटकारी हो सकते है। केतु की अशुभ स्थिति को आप बिना कुंडली देखे ऐसे पता लगा सकते हैं..
Ketu Transit 2020: अगर आपकी कुंडली में केतु है अशुभ तो आएंगी ये मुसीबतें
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पैरों में होती है तकलीफ
अगर केतु देव आपकी कुंडली में अशुभ हैं तो ये आपके पैरों में तकलीफ देते हैं। अशुभ केतु के कारण आपको वाहन दुर्घटना में पैर में चोट लग सकती है अथवा आपको पैरों में दर्द की शिकायत भी रह सकती है। धार्मिक मान्यता है कि केतु का सिर नहीं है बल्कि धड़ (सिर से नीचे का हिस्सा) है। इसलिए यदि वे अशुभ होते हैं तो शरीर के निचले हिस्से को प्रभावित करते हैं। अशुभ राहु के कारण मूत्राशय से जुड़ी परेशानी और जोड़ों में दर्द की शिकायत भी रहती है।
मन में रहता है भटकाव
अगर आपकी कुंडली में केतु देव अशुभ स्थिति में होते हैं तो यह आपको मानसिक रूप से अस्थिर करते हैं। आप लक्ष्यविहीन होकर इधर-उधर भटकने पर मजबूर हो जाते हैं। अनेक परेशानियों के कारण आपको मानसिक तनाव भी रहता है। राहु के अशुभ प्रभाव से व्यक्ति कानूनी मुकदमे में भी फंस जाते हैं।
आर्थिक परेशानी और व्यापार में घाटा
अगर कुंडली में केतु की स्थिति ठीक न हो तो जातक के आर्थिक जीवन में परेशानियां आती हैं। धन हानि की संभावना रहती है। व्यापार में घाटा होता है। साथ ही आपके हाथ से कई अच्छे अवसर निकल जाते हैं। अगर आपके हाथ से पति की दौलत निकल जाए या फिर पैतृक संपत्ति न मिल पाए तो यह भी केतु के कमजोर होने का संकेत है।
अगर आपकी मेहनत का वास्तविक फल आपको नहीं रहा है तो समझिए आपकी कुंडली में केतु की स्थिति शुभ नहीं है। आप कितनी भी मेहनत क्यों न कर लें, लेकिन आपको वह परिणाम नहीं मिलेगा, जिसकी आप आशा करते हैं।