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ज्योतिष महाकुंभ 2018 में स्वामी चिदानंद मुनी ने बताया ग्रहों को शांत करने का अनोखा तरीका
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 01 Apr 2018 10:50 AM IST
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- उन्होंने ज्यातिषाचार्य पंडित के एक दुबे पद्मेशा को रुद्राक्ष का पौधा भेंट किया।
-कहा कि मैनें कई कुंभ देखे हैं, लेकिन ये ज्योतिष महाकुंभ एक नई सोच और अद्भुत सोच है। कहा कि अब समय आ गया है कि हाथों की लकीरों से आगे बढ़े और नई लकीरें खीचें। ज्योतिष लोगों का विश्वास है,अंधविश्वास नहीं है। कहा कि, अगर आप एक पेड़ लगाएंगे तो आपके ग्रह और नक्षत्र खुद ही शांत हो जाएंगे।
-कहा , हमें ग्रीन एस्ट्रोलॉजी की शुरूआत करनी होगी। ज्योतिषों से अपील की कि जब वे किसी को उनकी समस्या का समाधान बताएं तो उसमें एक उपाय ग्रहों को शांत करने के लिए पेड़ लगाने का उपाय भी बताएं। इससे ग्लोबल वार्मिंग भी कम होगा। यह विज्ञान से जुड़ा है। इसे हमें विश्वास से विज्ञान की ओर ले जाना होगा। अब ऐक ऐसा चिंतन करना होगा कि, जिससे ज्योतिष को पूरी तरह से साइंस के माध्यम से प्रूव किया जा सके। जिससे किसी का भी विश्वास डगमगाए नहीं।
-कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वामी चिदानंद मुनी सरस्वती ने दीप जलाकर किया ज्योतिष परामर्श महाकुंभ का शुभारंभ।
- लोगों की भीड़ जुटी। कुछ ही देर में निशुल्क ज्योतिष परामर्श कार्यक्रम का शुभारंभ करने पहुंचेंगे स्वामी चिदानंद मुनी।
आज यानी (01 अप्रैल) को पूरा दिन ज्योतिष महाकुंभ आम लोगों के लिए खुला रहेगा। लोग पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर ज्योतिषियों से मुलाकात कर निशुल्क परामर्श प्राप्त कर सकते हैं।
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ग्राफिक एरा विवि परिसर में सुबह साढ़े नौ बजे से निशुल्क परामर्श की शुरुआत होगी।ज्योतिषियों के पास उपलब्ध समय के अनुसार अधिक से अधिक लोगों को मिलने का अवसर दिया जाएगा।
दो अप्रैल को होटल सैफ्रॉन लीफ में देश के अलग-अलग हिस्सों से पधारे ज्योतिषियों का सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा।
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-कहा कि मैनें कई कुंभ देखे हैं, लेकिन ये ज्योतिष महाकुंभ एक नई सोच और अद्भुत सोच है। कहा कि अब समय आ गया है कि हाथों की लकीरों से आगे बढ़े और नई लकीरें खीचें। ज्योतिष लोगों का विश्वास है,अंधविश्वास नहीं है। कहा कि, अगर आप एक पेड़ लगाएंगे तो आपके ग्रह और नक्षत्र खुद ही शांत हो जाएंगे।
-कहा , हमें ग्रीन एस्ट्रोलॉजी की शुरूआत करनी होगी। ज्योतिषों से अपील की कि जब वे किसी को उनकी समस्या का समाधान बताएं तो उसमें एक उपाय ग्रहों को शांत करने के लिए पेड़ लगाने का उपाय भी बताएं। इससे ग्लोबल वार्मिंग भी कम होगा। यह विज्ञान से जुड़ा है। इसे हमें विश्वास से विज्ञान की ओर ले जाना होगा। अब ऐक ऐसा चिंतन करना होगा कि, जिससे ज्योतिष को पूरी तरह से साइंस के माध्यम से प्रूव किया जा सके। जिससे किसी का भी विश्वास डगमगाए नहीं।
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-कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वामी चिदानंद मुनी सरस्वती ने दीप जलाकर किया ज्योतिष परामर्श महाकुंभ का शुभारंभ।
- लोगों की भीड़ जुटी। कुछ ही देर में निशुल्क ज्योतिष परामर्श कार्यक्रम का शुभारंभ करने पहुंचेंगे स्वामी चिदानंद मुनी।
आज यानी (01 अप्रैल) को पूरा दिन ज्योतिष महाकुंभ आम लोगों के लिए खुला रहेगा। लोग पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर ज्योतिषियों से मुलाकात कर निशुल्क परामर्श प्राप्त कर सकते हैं।
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ग्राफिक एरा विवि परिसर में सुबह साढ़े नौ बजे से निशुल्क परामर्श की शुरुआत होगी।ज्योतिषियों के पास उपलब्ध समय के अनुसार अधिक से अधिक लोगों को मिलने का अवसर दिया जाएगा।
दो अप्रैल को होटल सैफ्रॉन लीफ में देश के अलग-अलग हिस्सों से पधारे ज्योतिषियों का सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा।
jyotish mahakumbh
बारिश और तेज धूप होती है तो हम छाता ओढ़ लेते हैं। इससे बारिश या धूप कम नहीं हो जाती, लेकिन हमारा कुछ बचाव हो जाता है। कुछ ऐसा ही प्रभाव ज्योतिष विद्या का भी हमारे जीवन पर पड़ता है।
इसके उपायों से होने वाली घटनाओं को रोका तो नहीं जा सकता, लेकिन उन्हें आंशिक रूप से नियंत्रित जरूर किया जा सकता है। तीन दिवसीय अमर उजाला-ग्राफिक एरा ज्योतिष महाकुंभ का शुभारंभ करते हुए शनिवार को मुख्य अतिथि राज्यपाल डॉ. कृष्णकांत पाल ने यह बात कही।
इसके उपायों से होने वाली घटनाओं को रोका तो नहीं जा सकता, लेकिन उन्हें आंशिक रूप से नियंत्रित जरूर किया जा सकता है। तीन दिवसीय अमर उजाला-ग्राफिक एरा ज्योतिष महाकुंभ का शुभारंभ करते हुए शनिवार को मुख्य अतिथि राज्यपाल डॉ. कृष्णकांत पाल ने यह बात कही।
शनिवार को ग्राफिक एरा पर्वतीय विवि सभागार में ज्योतिष महाकुंभ का शुभारंभ हुआ। राज्यपाल डॉ. कृष्णकांत पाल, पंडित केए दूबे पद्मेश, ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ एजुकेशन के चेयरमैन प्रो. कमल घनशाला, वास्तुविद् पंडित सतीश शर्मा, पंडित लेखराज शर्मा, अजय भांबी, अरुण बंसल और विनोद त्यागी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित किया।