सूर्य महाराज रविवार 16 नवंबर को अपनी नीच राशि तुला से निकलकर वृश्चिक राशि में प्रवेश कर रहे हैं। वृश्चिक मंगल की राशि होने के कारण सूर्य की मित्र राशि है जो शुभ फलदायी रहेगी।
ज्योतिषशास्त्री चन्द्रप्रभा बताती हैं कि सूर्य के वृश्चिक में पहुंचने से पहले ही इस राशि में शुक्र और शनि बैठे हुए हैं और अब सूर्य के पहुंचते ही तीन ग्रहों का योग बन रहा है जो अनुकूल नहीं है।
रविवार के दिन संक्रांति होने के कारण यह संक्राति घोरा नामक संक्रांति है जो पिछड़े और कमजोर लोगों के लिए फायदेमंद रहेगी। देश की राजनीति और राजनेताओं के लिए इसे अनुकूल नहीं कहा जा सकता।
राजनीति में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। इन दिनों आतंकी घटनाओं की भी संभावना है इसलिए सावधान रहने की जरुरत है। मौसम में तेजी से बदलाव हो सकता है। देश दुनिया में तूफान की आशंका रहेगी।
राशि के अनुसार देखें तो यह संक्रांति मेष, वृष, कन्या, मकर और मीन वालों के लिए शुभ रह सकता है। जबकि सिंह राशि वालों को स्वास्थ्य का अधिक ध्यान रखना होगा।
धनु राशि वालों के खर्च बढ़ेंगे। कुंभ और तुला राशि वालों को लाभ पाने के लिए अधिक परिश्रम करना होगा। अन्य राशियों के लिए समय मिला जुला रहेगा।