नेपाल सीमा पर समायती गांव के पास बीते बुधवार एक पिकअप खाई में गिरने से पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना से पूरे क्षेत्र के लोगों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि बदहाल सड़क लोगों की जान लेने के लिए तैयार है और सिस्टम बेखबर है। हादसे में घायलों का हाल जानने जिला अस्पताल पहुंचे विधायक के सामने क्षेत्र के लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। लोगों ने कहा कि क्वीतड़ से जमतड़ी तक सड़क सालों से बदहाल है लेकिन जिम्मेदारों को इसकी हालत सुधारने की फुर्सत नहीं है। समायती गांव के बीते बुधवार देर शाम एक पिकअप 150 मीटर गहरी खाई में गिर गई थी। घटना में वाहन में सवार क्वी गांव और मझेड़ा के पांच लोग घायल हो गए थे जिन्हें रेस्क्यू कर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। बृहस्पतिवार को विधायक मयूख महर घायलों से मिलने पहुंचे तो क्षेत्र के लोगों ने उनके सामने आक्रोश जताया। क्वीतड़ के ग्राम प्रधान दीपक मेहरा ने कहा कि आज सड़क दुर्घटना में घायल पांच लोग सुरक्षित बच गए। भविष्य में यह सड़क किसी की जान ले सकती है। विभाग से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को सड़क पर डामरीकरण के लिए कई बार ज्ञापन दिए गए लेकिन अब तक सभी चुप हैं। उन्होंने जल्द क्वीतड़ से जमतड़ी तक डामरीकरण नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। वहीं विधायक महर ने कहा कई बार सड़क को सुधारने की मांग के बाद भी सरकार उदासीन बनी हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार अपने चहेतों पर मेहरबान है और विपक्ष के नेताओं के साथ भेदभाव किया जा रहा है। उम्मीद है कि सरकार को सद्बुद्धि मिलेगी और वह इस सड़क का जल्द सुधारीकरण कर क्षेत्र के लोगों का जीवन सुरक्षित करेगी। ये हुए घायल क्वी गांव निवासी मनोज प्रभाकर सौन (25), नरेंद्र राम (45), मदन सिंह सौन (50), देव सिंह सौन (55), मझेड़ा निवासी जगदीश सिंह सौन (26)।