बार-बार मांग के बाद भी रानीबाग क्षेत्र में सड़क पर हुए गड्ढों को न भरने से गुस्साए रानीबाग क्षेत्र के लोगों ने सोमवार को यहां एनएच के दफ्तर में अधिकारियों व कर्मचारियों को बाहर निकालकर ताले जड़ दिए। घंटे भर तक कर्मचारी बाहर रहे। बाद में एसडीएम मोनिका की मध्यस्थता में हुई वार्ता के बाद ग्रामीणों ने तालाबंदी वापस ली। सोमवार को भाजपा नेता सचिन साह के नेतृत्व में एनएच के दफ्तर पहुंचे रानीबाग के ग्रामीणों ने कहा कि दो माह से काठगोदाम से ज्योलीकोट तक सड़क खराब है। रानीबाग में सड़क पर बड़े गड्ढे हो चुके हैं। इससे वहां जाम लगता है। गड्ढों के कारण दो माह में 17-18 हादसे हो चुके हैं और एक बच्ची की जान जा चुकी है। कहा कि अधिकारियों की लापरवाही के चलते क्षेत्र के लोग सड़क पर हुए बड़े-बड़े गड्ढों और उनसे दिन भर उड़ती धूल से परेशान हैं। उन्होने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सड़क की दशा को नहीं सुधारा गया तो वह फिर से दफ्तर में पूर्ण तालाबंदी करेंगे और इस बार वह ताले अपने घर से लेकर आएंगे। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी के निर्देश के बाद भी एनएच ने सड़क को ठीक कराने के बजाए उसमें मिट्टी भर दी। मिट्टी भरने के बाद से वहां से उठने वाली धूल से क्षेत्र के लोग बीमार पड़ रहे हैं और उनका जीना दूभर हो चुका है। सड़क के आसपास रहने वाले लोग घरों के दरवाजे दिन भर बंद रखने को मजबूर हैं। उन्होंने अधिशासी अभियंता महेंद्र कुमार को ज्ञापन भी सौंपा। प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेता सचिन शाह ने दूरभाष पर एनएच के अधीक्षण अभियंता से वार्ता कर सड़क की दशा में सुधार की मांग की। प्रदर्शनकारियों में पूर्व बीडीसी सदस्य महेश भंडारी, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सूरज रमोला, अभिषेक गोस्वामी, उदित चौधरी, चंचल साह, प्रकाश गोस्वामी, ग्राम प्रधान कलावती थापा, लमजला के प्रधान कमल जंतवाल आदि शामिल थे।