बनारस के स्थानीय सर्राफा व्यापारी और पारंपरिक कारीगर प्रस्तावित आभूषण प्रदर्शनी का विरोध कर रहे हैं। उनका मुख्य उद्देश्य स्थानीय व्यापार को सुरक्षित रखना है। वे बनारस की ऐतिहासिक सर्राफा मंडी की पहचान और स्वर्ण आभूषण कारीगरों की आजीविका बचाना चाहते हैं। व्यापारियों का कहना है कि प्रदर्शनी में स्थानीय कारीगरों और छोटे व्यापारियों को पर्याप्त अवसर नहीं मिलते। प्रदर्शनी में खरीद-बिक्री की प्रक्रिया और व्यापारिक नियमों के पालन पर भी सवाल उठाए गए हैं। वे पारदर्शी नियमों के अनुरूप व्यापारिक गतिविधियां संचालित करने की मांग करते हैं। हाल ही में सोने की खरीद पर प्रधानमंत्री की अपील से भी सर्राफा कारोबारियों को चिंता हुई है। इससे खरीदारी में कमी आने और व्यापार प्रभावित होने की आशंका है। व्यापारियों ने कहा कि उनका विरोध लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण है। यह किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध नहीं, बल्कि स्थानीय व्यापार के भविष्य की लड़ाई है।