अमवार चौकी पुलिस पर भूमि विवाद की शिकायत की जांच के दौरान आदिवासी ग्रामीणों के साथ अभद्रता, गाली-गलौज, मारपीट और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप लगा है। मामले को लेकर बुधवार को आदिवासी समाज के लोगों ने सीओ कार्यालय का घेराव कर कार्रवाई की मांग की। इस संबंध में सीओ विनय प्रभाकर साहनी को ज्ञापन सौंपा गया। बघाडू निवासी क्षेत्र पंचायत सदस्य बाबूलाल गोंड ने आरोप लगाया कि आईजीआरएस पर दर्ज भूमि विवाद की शिकायत के समझौते के लिए अमवार चौकी इंचार्ज ने फोन कर उन्हें बुलाया था। आरोप है कि चौकी पहुंचने पर पुलिस ने शिकायतकर्ता पक्ष के साथ अभद्र व्यवहार किया। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष अमर सिंह मरकाम ने आरोप लगाया कि जांच के लिए बघाडू गांव के रामदयाल, मानती देवी, रामजीत, राधेश्याम, इंद्रावती, रामरतन, सुशीला देवी, पार्वती, रजनी और सत्यवंती देवी समेत अन्य ग्रामीणों को बुलाया गया था। आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और मारपीट की। आक्रोशित लोगों ने दोषी पुलिस कर्मियों को तत्काल हटाने और मामले में कार्रवाई की मांग की। सीओ ने ज्ञापन लेकर लोगों को जांच और कार्रवाई का भरोसा दिया। इस संबंध में सीओ दुद्धी विनय प्रभाकर साहनी ने बताया कि आईजीआरएस के तहत मिली भूमि विवाद की शिकायत की जांच के लिए ग्रामीणों को अमवार चौकी बुलाया गया था। चौकी इंचार्ज की ओर से बताया गया कि ग्रामीणों ने भी उनके साथ अभद्रता की। मामले में ज्ञापन लेकर स्थिति को शांत कराया गया है। प्रकरण की जांच की जा रही है। जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, अन्य ग्रामीणों से संबंधित मामले की जांच कोतवाल दुद्धी विश्वनाथ प्रताप सिंह को सौंपी गई है।