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कूड़ा नदी पर पुल की मांग को लेकर प्रदर्शन, बोले- पुल नहीं तो वोट नहीं

बरदहा और कठहा को जोड़ने वाली कूड़ा नदी पर पुल निर्माण की मांग को लेकर शुक्रवार को क्षेत्रवासियों ने नदी में उतरकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने ‘पुल नहीं तो वोट नहीं’ का नारा लगाते हुए कहा कि लंबे समय से पुल निर्माण का आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन अब तक धरातल पर कोई ठोस पहल नहीं हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी चुनाव में किसी भी नेता या राजनीतिक दल का समर्थन करने से पहले पुल निर्माण की दिशा में ठोस कार्रवाई देखेंगे। ग्रामीणों ने कहा कि पहले पुल की नींव डलेगी, फिर ईवीएम का बटन दबेगा। प्रदर्शन में शामिल अनूप सिंह, सूर्यांश सिंह, प्रवेश राय, दीपक चौरसिया, अंकुर सिंह, प्रेम सिंह, अवधेश दुबे, रंजीत सिंह, राजकिशोर गुप्ता, रामबचन सिंह, अवधेश अग्रहरि, संदीप चौरसिया और राम नयन समेत दर्जनों लोगों ने कहा कि पुल नहीं होने से क्षेत्र के लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ती है। विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए आने-जाने, मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और किसानों को अपने कामकाज के लिए आवाजाही में दिक्कत होती है। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय आश्वासन तो मिलते हैं, लेकिन उनकी बुनियादी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, कूड़ा नदी के दक्षिणी छोर पर बरदहा, घुमैठा, चित्तापुर, महदेवा, अमरपुर, मैनखाही और भवनियानगर समेत कई गांव हैं। वहीं, उत्तरी छोर पर कठहा, इमिलिहा, गोपियापुर, मुड़ीला और परसपुर स्थित हैं। नदी पर पुल बनने से दोनों छोर के गांवों के बीच संपर्क बेहतर होगा और लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पुल निर्माण की मांग किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध का मुद्दा नहीं, बल्कि क्षेत्र की बुनियादी जरूरत है। अब केवल चुनावी वादों से काम नहीं चलेगा। ग्रामीणों ने एकजुट होकर मांग को जनप्रतिनिधियों और शासन-प्रशासन तक पहुंचाने तथा पुल निर्माण के लिए व्यापक जनसमर्थन जुटाने की बात कही।

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