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शामली में बच्चों को जंगल में छोड़ने के मामले में दूसरे दिन भी हंगामा, सैकड़ों अभिभावक स्कूल पहुंचे; प्रबंधक ने चालक की गलती मानी

बच्चों को बीच रास्ते में छोड़ने पर दूसरे दिन भी फूटा अभिभावकों का गुस्सा दूसरे दिन सैकड़ों अभिभावक पहुंचे स्कूल, प्रबंधक ने चालक की गलती मानी; बोले- चालक फरार, वेतन रोका चौसाना। बिडौली रोड स्थित कमालपुर के स्कॉलर प्राइड स्कूल में सोमवार को स्कूली बच्चों को बीच रास्ते में छोड़ने के मामले को लेकर बुधवार को दूसरे दिन भी अभिभावकों का गुस्सा फूटा। रंगाना फार्म, कोंथलपुर, सुंदरनगर, लक्ष्मीपुरा, बल्लामाजरा, खोड़समा और सकौती समेत आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में अभिभावक स्कूल पहुंचे। उन्होंने प्रधानाचार्य और प्रबंधक का घेराव कर विरोध जताया। बस धान के खेत में फंसी, बच्चों को जंगल में छोड़ने का आरोप अभिभावकों का आरोप है कि सोमवार को चालक नशे की हालत में बस लेकर निकला था। गांवों में बच्चों को छोड़ने के दौरान बस जंगल के रास्ते धान के खेत में फंस गई। आरोप है कि इसके बाद चालक बच्चों को जंगल में छोड़कर वहां से चला गया। बच्चे करीब दो किलोमीटर जंगल के रास्ते पैदल चलकर घर पहुंचे और परिजनों को घटना की जानकारी दी। घटना के बाद मंगलवार को भी अभिभावक स्कूल पहुंचे और प्रबंधन के समक्ष नाराजगी जताई थी। आरोप है कि उस समय उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं सुना गया। इससे नाराज अभिभावक बुधवार को बड़ी संख्या में दोबारा स्कूल पहुंचे। भीड़ देख बदले प्रबंधक के सुर, चालक की गलती मानी अभिभावकों के बढ़ते विरोध के बीच स्कूल प्रबंधक अमित निर्वाल ने उनसे माफी मांगी। उन्होंने चालक की गलती मानते हुए बताया कि चालक घटना के बाद से फरार है और दिल्ली चला गया है। उसकी सैलरी रोक दी गई है। धान के खेत में फंसी बस को बाद में दूसरे चालक ने निकाला। अभिभावकों का कहना है कि उनके पास चालक की वीडियो भी है, जिसमें वह घटना के बाद नशे की हालत में खेत में हंगामा करता दिखाई दे रहा है। 15 सीट की गाड़ी में 30 बच्चे बैठाने का आरोप विरोध के दौरान अभिभावकों ने स्कूल की परिवहन व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। आरोप लगाया कि 15 सीट वाली गाड़ियों में करीब 30 बच्चों को बैठाकर स्कूल लाया और ले जाया जाता है। अभिभावकों ने कहा कि क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाना उनकी सुरक्षा से खिलवाड़ है। स्कूल प्रबंधन ने व्यवस्था में सुधार का आश्वासन दिया। फीस और छात्रों को परेशान करने की शिकायतें भी उठीं अभिभावकों ने स्कूल में छात्रों को अनावश्यक रूप से परेशान करने तथा फीस जमा नहीं होने पर परीक्षा में शामिल नहीं करने जैसी शिकायतें भी रखीं। इसके अलावा स्कूल में पूर्व में बच्चों के साथ कथित मारपीट और सुरक्षा संबंधी विवादों का भी आरोप लगाया गया। अभिभावकों ने प्रबंधन से छात्रों की सुरक्षा और पढ़ाई से जुड़ी व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की। अभिभावकों का नेतृत्व गन्ना समिति के पूर्व चेयरमैन नवाब सिंह ने किया। इस दौरान सैकड़ों ग्रामीण और अभिभावक मौजूद रहे।

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