रायबरेली में एबीवीपी और समाजवादी छात्र सभा के बीच हुई तकरार का मामला सियासि पाले में चला गया है। सपा विधायक राहुल लोधी और जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह के साथ बृहस्पतिवार को जो भी हुआ, उसने सपा को आक्रोशित कर दिया है। विधायक के अनुसार उनके साथ पुलिस ने मारपीट की तो वीरेंद्र सिंह का कहना है कि कोतवाल ने उनके साथ अभद्रता की। मामले में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने घटना के दिन ही एक्स हैंडल पर पोस्ट डालकर सरकार और पुलिस पर निशाना साधा था। अब अखिलेश यादव खुद रायबरेली 21 या 22 सितंबर को आ रहे हैं। यह पहला मौका है जब किसी मामले में अखिलेश यादव आ रहे हैं।असल में राजनीति के लिहाज से रायबरेली सपा का मजबूत किला है और सपा यहां पर भारी है। अखिलेश यादव छात्रसभा की बैठक में हिस्सा लेकर सरकार पर हमला बोलेंगे। इरादा है कि रायबरेली से एक मेसेज अवध के क्षेत्रों में जाए कि सरकार और पुलिस क्या कर रही है। पिछड़ों और दलितों के साथ क्या हो रहा है, यह बताने की भी कोशिश होगी। वहीं चढ़रई में शिवपुराण कथा के जरिए भाजपा ने सनातन और राजनीति की केमिस्ट्री बनाई है, उसको जवाब भी अखिलेश यादव दें सकते हैं। कुल मिलाकर अखिलेश यादव का रायबरेली आना सियासी पारा को और गर्म करेगा।