पीलीभीत में अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर मंगलवार को गांधी स्टेडियम स्थित प्रेक्षागृह में शिक्षक-शिक्षिकाओं और साक्षरता से जुड़े वॉलिंटियर्स को संबोधित करते हुए डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने साक्षरता दर बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को पढ़ाने की जिम्मेदारी तो शिक्षकों की है ही, लेकिन ग्राम पंचायत में अगर कोई महिला या पुरुष असाक्षर है तो उसे भी साक्षर बनाने की दिशा में काम करना चाहिए। डीएम ने कहा कि शिक्षक छात्र-छात्राओं को राष्ट्र निर्माण के लिए तैयार करें। उनमें देश भावना की जागृति पैदा करने के साथ ही शासन की योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाएं। इस दौरान पिपरिया अगरु प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापक सैयदा को शासन की ओर से भेजा गया शुभकामना संदेश सौंपा गया। उन्हें स्मृति चिह्न, प्रमाण पत्र और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। सम्मान के समय विद्यालय का पूरा स्टाफ मौजूद रहा। डीएम ने विद्यालय को पुरस्कार के तौर पर 25 हजार रुपये देने की घोषणा की। घोषणा होते ही प्रेक्षागृह तालियों से गूंज उठा और शिक्षकों ने डीएम के निर्णय की सराहना की। डीआईओएस विजय सिंह यादव ने कहा कि शिक्षक को यूं ही राष्ट्र निर्माता नहीं कहा गया है। वह बच्चों को शिक्षित करने के साथ उनमें संस्कार भी भरता है। बीएसए रोशनी सिंह ने कहा कि विभाग का लक्ष्य प्रत्येक विद्यालय को निपुण बनाना है। शिक्षकों की समस्याओं को पारदर्शिता के साथ दूर कराया जाएगा। इस दौरान अन्य अधिकारी और शिक्षक मौजूद रहे।