राधारानी की प्राकट्य स्थली गांव रावल में राधाष्टमी पर्व को लेकर भक्ति और उल्लास का माहौल है। राधाष्टमी की पूर्व संध्या पर मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया। शाम से ही मंदिर में भजन-कीर्तन का दौर शुरू हो गया। मंदिर समिति की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिर सेवायत पुजारी राहुल कल्ला मुखिया ने बताया कि शनिवार को सुबह साढ़े चार बजे मंगला आरती के दर्शन होंगे। सुबह पांच बजे राधारानी का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इसके बाद साढ़े पांच से साढ़े छह बजे तक राधारानी का पंचामृत अभिषेक किया जाएगा। अभिषेक में दूध, दही, घी, शहद, यमुना जल और बूरा आदि का प्रयोग होगा। सुबह नौ बजे श्रृंगार दर्शन और दोपहर 12 बजे प्रसाद वितरण होगा। उन्होंने बताया कि शाम तीन बजे गौड़ीय मठ समाज की ओर से चाव कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जबकि शाम सात बजे शयन आरती होगी। रविवार को सुबह 10 बजे से मंदिर परिसर में बधाई गायन कार्यक्रम होगा। राधाष्टमी पर्व को लेकर रावल में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे लेकर ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में खासा उत्साह बना हुआ है।