मथुरा में राजकीय संप्रेक्षण गृह में आवासित किशोरों को अब तकनीकी शिक्षा से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की पहल शुरू हुई है। किशोर न्याय प्रणाली के तहत जनपद न्यायाधीश विकास कुमार ने शुक्रवार को संप्रेक्षण गृह का भ्रमण कर पांच डेस्कटॉप कंप्यूटर भेंट किए। डोनर एंड जाइरोस के सहयोग से उपलब्ध कराए गए इन कंप्यूटरों से किशोरों को कंप्यूटर प्रशिक्षण और रोजगारोन्मुखी कौशल से जोड़ा जाएगा। जिला एवं सत्र न्यायाधीश विकास कुमार ने कहा कि संप्रेक्षणगृह में रह रहे किशोरों को सकारात्मक दिशा देना न्यायपालिका और शासन की प्राथमिकता है। तकनीकी प्रशिक्षण उन्हें आधुनिक ज्ञान-विज्ञान से जोड़ने के साथ रिहाई के बाद आत्मनिर्भर बनने में मददगार होगा। उन्होंने कंप्यूटर प्रशिक्षण को नियमित रूप से संचालित करने पर जोर दिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनीता सिंह ने किशोरों के विधिक अधिकारों और सर्वांगीण विकास से जुड़े प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने नियमित प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने पर जोर दिया। भ्रमण के दौरान न्यायिक अधिकारियों ने संप्रेक्षणगृह की आवास व्यवस्था, परिसर, भोजनालय और स्वास्थ्य सुविधाओं का निरीक्षण किया। व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास चंद्र ने कहा कि उपलब्ध कराए गए कंप्यूटरों के माध्यम से जल्द ही किशोरों के लिए नियमित कंप्यूटर शिक्षा कक्षाएं शुरू की जाएंगी। इस दौरान अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रेलवे सूर्यभान कुमार वर्मा, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट परविन्दर सिंह, संस्था प्रभारी प्रभाकर सिंह मौजूद रहे।