उफनाई गंगा नदी बुधवार की शाम शुक्लागंज छोर पर खतरे के निशान 113 मीटर पर पहुंच गई। इससे किनारे बसे इलाकों में हड़कंप मच गया है। करीब 24 गांवों व मोहल्लों में बाढ़ का पानी घुसने से लोगों का जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। बाढ़ प्रभावित गांवों में लोग नावों से आवागमन कर रोजमर्रा का कामकाज निपटा रहे हैं। कुछ घरों में पानी से घुसने से लोग छतों पर गुजर बसर करने के लिए मजबूर हैं। करीब 15 सौ घर पानी से घिरे है। प्रशासन की ओर से 33 नावें आवागमन के लिए लगाई गई हैं। जिला प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वह अपने घर छोड़कर आश्रय स्थल में शरण लें। साथ ही नायब तहसीलदार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कैंप करने के निर्देश जारी किए गए है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार बुधवार शाम छह बजे गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान 113 मीटर पर पहुंच गया है। मंगलवार शाम छह बजे जलस्तर 112.900 मीटर रिकार्ड किया गया था जो 24 घंटे में 10 सेंटीमीटर बढ़कर खतरे के निशान पर पहुंच गया है। पूर्वानुमान लगाया गया है कि गुरुवार शाम तीन बजे तक गंगा का जलस्तर खतरे के निशान को पार करते हुए 113.050 मीटर पर पहुंच सकता है। एसडीएम सदर राजेश विश्वकर्मा ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद बताया कि मिश्रा कॉलोनी स्थित बाढ़ चौकी से लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश के साथ ही कम से कम दो घंटे संबंधित क्षेत्रों के नायब तहसीलदार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कैंप कर नजर रखेगें। लेखपाल प्रशांत अवस्थी ने बताया कि पश्चिमी गंगाघाट में 19 नाव, सरैया क्षेत्र में एक व मझरा एवं कटरी पीपरखेड़ा क्षेत्र में 13 नावें लगाई गई है। वहीं बाढ़ का पानी मोहल्ला गोताखोर, कर्बला, हुसैन नगर, शाही नगर, चंपापुरवा, तेजीपुरवा, मनसुखखेड़ा, मनोहर नगर कटरी, शक्ति नगर कटरी, श्रीनगर, मालवीय नगर, अखलाख नगर के अलावा गांव निहाल खेड़ा कटरी, फत्तेखेड़ा, गगनीखेड़ा, सरैया, नेतुआ, हरिहरपुर समेत 25 गांव मोहल्लों में घुस चुका है। करीब 15 सौ घर पानी से घिरे है। लोग छतों पर गुजर बसर करने को मजबूर है। ऐसे में लोगों को राशन, पानी आदि को लेकर दिक्कतें बढ़ गईं है। लेखपाल ने बताया कि सीताराम कॉलोनी स्थित धर्मशाला, गोताखोर मोहल्ला, चंपापुरवा, नगर पालिका, राजधानी मार्ग ओमप्रकाश ज्वालादेवी कंपाउंड समेत पांच स्थानों पर आश्रय स्थल बनाए गए है।