कानपुर के चकेरी अंतर्गत कृष्णापुरम क्षेत्र में उपेक्षा का शिकार बना एक लाल लेटर बॉक्स अब आधुनिक दौर में गुमनामी के आंसू बहा रहा है। कभी अपनों के संदेशों और जज्बातों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने वाला यह डाकिया-बॉक्स अब तकनीक और डिजिटल क्रांति के चलते अपना वजूद खो चुका है। स्थानीय स्तर पर उपेक्षित पड़ा यह लेटर बॉक्स आज महज अतीत की स्मृतियों और ढलते दौर का मूक गवाह बनकर रह गया है।