बिठूर संग्रहालय में संरक्षित उर्दू और फारसी भाषा में लिखे मुगलकालीन शाही फरमान लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। ऐतिहासिक दस्तावेजों को देखकर लोग मुगलकाल की शासन व्यवस्था, राजकीय परंपराओं और उस दौर की लेखन शैली के बारे में जानने के लिए उत्सुक नजर आते हैं। इन फरमानों में इस्तेमाल की गई उर्दू और फारसी भाषा की लिखावट भी लोगों का ध्यान खींचती है। संग्रहालय में रखे ये दस्तावेज इतिहास के उस दौर की झलक प्रस्तुत करते हैं, जब शाही आदेशों और महत्वपूर्ण राजकीय कामकाज में फारसी भाषा का विशेष महत्व था। इतिहास में रुचि रखने वाले लोगों के लिए ये फरमान अतीत को करीब से जानने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।