नूर वाला आया है, नूर लेकर आया है। सारे आलम में देखो यह कैसा नूर छाया है। पैगंबर-ए-इस्लाम के जन्मदिन ईद मिलादुन्नबी की पूर्व संध्या पर जश्न-ए-चिरागां के मौके पर यह नात शरीफ हर तरफ गूंजी। लोगों ने घरों, मस्जिदों को रंग-बिरंगी रोशनी की झालरों से सजाया। बड़े-बड़े गेट सजाए और हजरत नूह की कश्ती, मक्का, मदीना की झांकी बनाई। पैंगबर-ए-इस्लाम की यौम-ए-विलादत का जश्न सुबह फजिर की नमाज तक चला। जुलूस-ए-मोहम्मदी बुधवार दोपहर एक बजे परेड से निकलेगा। शाम से रात भर बारिश भी जश्न-ए-चिरागां का जोश ठंडा नहीं कर पाई। बाबूपुरवा के हमीद पार्क में पैगंबर हजरत नूह अलैस्सलाम की कश्ती की झांकी बनाई गई। लोगों का कहना है कि दिलचस्प यह रहा कि जब नूह अलैस्सलाम की कश्ती बनी थी तो बारिश हुई थी। अंजुमन फिदा-ए-मुस्तफा नौजवान कमेटी की ओर से यह कश्ती बनाई गई। वहीं जाजमऊ नई चुंगी में मदीना शरीफ और केडीए में काबा की झांकी बनाई गई। इन्हें रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया। मोतीनगर और जूही लाल कालोनी के कुआं वाले चौराहे पर चार मीनार बनाई गई। जश्न-ए-चिरागां के मौके पर रोशननगर, रावतपुर, चमनगंज, हलीम कालेज चौराहा, दादा मियां का चौराहा, बेकनगंज समेत अन्य मुस्लिम बहुल इलाकों में सजावट की गई। गेट बनाए गए। मुस्लिम बहुल इलाकों में रतजगा का माहौल रहा। खाने-पीने के सामान की दुकानें लगी थीं। बच्चों के खिलौने और अन्य वस्तुओं की दुकानें सजीं। बारिश में लोग भीगते बाहर निकले। जमीयत उलेमा हिंद के शहर अध्यक्ष हलीमुल्लाह खां ने बताया कि संगठन की कयादत में जुलूस-ए-मोहम्मदी निकलेगा। फूलबाग में मगरिब की नमाज के बाद समापन हो जाएगा। 313 चिराग जलाए, मीलादुन्नबी गिफ्ट बांटे जश्न-ए-चिरागां के मौके पर गद्दियाना में मीलादुन्नबी का आयोजन किया गया। आयोजन रात ढाई बजे से शुरू हुआ और सुबह पांच बजे तक चला। इस मौके पर पैगंबर-ए-इस्लाम की पैदाइश की खुशी में 313 चिराग रोशन किए गए। मीलादुन्नबी को इमाम ईदगाह मौलाना मो. हाशिम अशरफी ने संबोधित किया। बाद में लोगों को मीलादुन्नबी गिफ्ट दिए। एक थाल में भरकर लोगों को तबर्रुक दिया गया।