सरयू का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है। मंगलवार सुबह आठ बजे एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 106.770 मीटर पहुंच गया, जो खतरे के निशान से 70 सेंटीमीटर ऊपर है। जलस्तर बढ़ने का क्रम जारी है। अयोध्या में भी जलस्तर 92.970 मीटर दर्ज किया गया। हालांकि, दोनों बैराजों से कुल पानी का डिस्चार्ज 3,68,589 क्यूसेक है, जिसमें कमी दर्ज की गई है। नवाबगंज के माझा क्षेत्र में पानी दोबारा तेजी से फैलने से दर्जनों गांव और मजरे प्रभावित हैं। ब्योन्दा माझा के दीनानाथ यादव ने बताया कि गांव के प्रमुख रास्तों पर पानी भर गया है। लोगों को नाव या पानी के बीच से होकर आवागमन करना पड़ रहा है। गंगाराम यादव के अनुसार बाढ़ के कारण गांवों से अयोध्या जाने वाला दूध और खोया का कारोबार प्रभावित हुआ है। ब्योन्दा, दत्तनगर और साकीपुर से बड़ी मात्रा में दूध व खोया अयोध्या भेजा जाता है। दत्तनगर में टाड़ी, बाड़ी, बैसिया, घरुकन पुरवा और नगरिया मजरे पानी से घिर गए हैं। ग्रामीणों ने नावों की कमी की भी बात कही है। साकीपुर में भी पानी फैलने से आवागमन प्रभावित है। ग्रामीणों के मुताबिक कटान में घर और खेत गंवा चुके कुछ परिवार दूसरे की जमीन पर छप्पर डालकर रह रहे हैं। उमरी बेगमगंज क्षेत्र के ऐली परसौली में बाढ़ का असर सबसे ज्यादा दिख रहा है। यहां 23 मजरे पानी की चपेट में हैं। करीब 860 परिवारों के 4,575 लोग प्रभावित बताए गए हैं। गढ़ी की करीब दो हजार, जबरनगर की 1,500 और परास-मझवार की करीब 700 आबादी भी पानी से घिरी है। कई घरों में पानी पहुंचने से लोग गृहस्थी का सामान ऊंचे स्थानों पर रख रहे हैं। हालांकि डीएम प्रियंका निरंजन ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव व राहत कार्य तेजी से कराने का निर्देश दिया है।