गोंडा: स्वरोजगार का सपना देख रही बीसी सखियों को डिवाइस खराब होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनकी करीब सात हजार रुपये की डिवाइस चार से छह महीने में खराब हो गई, जिससे उनका काम ठप हो गया। कमाई बंद होने के कारण उन्हें 75 हजार रुपये के कर्ज पर चार फीसदी ब्याज और किस्तों की चिंता सता रही है। बुधवार को बीसी सखियों ने डीडीओ आदित्य तिवारी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि वे गरीब हैं और कर्ज की किस्तें कहां से देंगी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत उन्हें गांवों में बैंकिंग सेवाएं देने के लिए जोड़ा गया था। गुड़िया मिश्रा, जानवी वर्मा, रश्मि तिवारी, पूजा, प्रीति मिश्रा, रूबी तिवारी और वर्षा सहित अन्य महिलाओं ने आरोप लगाया। उनका आरोप है कि डिवाइस खराब होने से उनका काम पूरी तरह बंद हो गया है। उन्हें छह महीने तक चार हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय देने की बात कही गई थी। हालांकि, कई सखियों को केवल दो या चार महीने का ही भुगतान मिला है। यह अधूरा भुगतान उनकी आर्थिक स्थिति को और खराब कर रहा है।