गाजीपुर जिले में नगर की पारंपरिक और ऐतिहासिक रामलीला में इस बार नई पीढ़ी के कलाकारों के साथ मंच के पुराने चेहरों की वापसी भी दर्शकों को देखने को मिलेगी। 11 अक्तूबर से शुरू होने वाले रामलीला मंचन के लिए एक सितंबर से आर्य समाज विद्या मंदिर परिसर में रोजाना अभ्यास चल रहा है। खास बात यह है कि लंबे समय से मंच से जुड़े अनुभवी कलाकार रिहर्सल के दौरान नए कलाकारों को अभिनय, संवाद अदायगी और पात्र के अनुरूप भाव-भंगिमा की बारीकियां सिखा रहे हैं। इस वर्ष करीब 25 साल बाद बैजलपुर निवासी राजेश राय फिर रामलीला के मंच पर दिखाई देंगे। वह सीता हरण प्रसंग में मामा मारीच और सुग्रीव की भूमिका निभाएंगे। वहीं पांच दशक से अधिक समय से समिति से जुड़े वरिष्ठ कलाकार ईश्वर देव राय महर्षि विश्वामित्र का चरित्र निभाएंगे। करीब 50 वर्षों से लगातार रामलीला का हिस्सा रहे मुरलीधर पाठक देवर्षि नारद और पंडा की भूमिका में नजर आएंगे। हनुमान और राजा दशरथ का पात्र चंदन राणा निभाएंगे।