नॉर्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन ने रेलवे अस्पताल टूंडला को हेल्थ यूनिट में परिवर्तित करने तथा 75 बेड की क्षमता घटाकर 25 बेड किए जाने की प्रस्तावित योजना का कड़ा विरोध किया है। यूनियन ने अपर महाप्रबंधक, उत्तर मध्य रेलवे के समक्ष अस्पताल की चिकित्सा सुविधाओं से जुड़ी प्रमुख समस्याएं एवं मांगें रखीं। यूनियन पदाधिकारियों ने मांग करते हुए कहा कि रेलवे अस्पताल टूंडला को हेल्थ यूनिट में परिवर्तित न किया जाए। अस्पताल की 75 बेड की वर्तमान क्षमता को यथावत रखा जाए। फार्मासिस्ट के कम से कम एक अतिरिक्त पद पर तत्काल नियुक्ति की जाए। लैब अधीक्षक एवं अन्य आवश्यक लैब स्टाफ की पर्याप्त व्यवस्था की जाए।अस्पताल में चिकित्सा सुविधाओं को कम करने के बजाय कर्मचारियों एवं उनके आश्रितों की संख्या के अनुरूप बढ़ाया जाए। दवा वितरण एवं जांच सेवाओं में हो रही लंबी प्रतीक्षा तथा अव्यवस्था को दूर किया जाए। यूनियन के अनुसार रेलवे अस्पताल टूंडला से लगभग 12 हजार कार्यरत एवं सेवानिवृत्त रेल कर्मचारी तथा उनके आश्रित लाभान्वित होते हैं तथा प्रतिदिन लगभग 500 से 600 मरीज ओपीडी में उपचार एवं दवा के लिए आते हैं। ऐसे में अस्पताल को हेल्थ यूनिट में बदलना अथवा बेडों की संख्या कम करना रेल कर्मचारियों एवं उनके परिवारों के हितों के प्रतिकूल होगा। एनसीआरएमयू ने चेतावनी दी कि यदि अस्पताल को समाप्त करने अथवा बेडों की संख्या घटाने का निर्णय लिया गया तो यूनियन लोकतांत्रिक एवं संगठनात्मक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी जिम्मेदारी रेल प्रशासन की होगी। इस अवसर पर भारत सिंह यादव केंद्रीय उपाध्यक्ष, शाखा मंत्री सरदार सिंह, ओमवीर सिंह,नाहर सिंह मीना, सतेंद्र यादव, जितेंद्र कन्नौजिया, सुशील कुमार, सत्य नारायण मीना , सतीश मीना, मोहित कुमार, सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।