थरपहाड़ गांव में आजादी के दशकों बाद भी पक्की सड़क न बनने से गंभीर रूप से बीमार युवक को परिजन टाट में बांधकर कंधे पर लादने को मजबूर हुए। विकास के तमाम दावों के बीच एम्बुलेंस न पहुंचने और प्रशासनिक हीला-हवाली से आक्रोशित ग्रामीणों ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।