टांडाकला गांव में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास पंडित जगदीश शांडिल्य महाराज ने राजा परीक्षित के पावन चरित्र और तक्षक नाग के श्राप का मार्मिक वर्णन किया। कथा के दौरान उन्होंने श्रीमद्भागवत के महात्म्य पर प्रकाश डालते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति और सदाचार का संदेश दिया।