बेल्जियम से समुद्री और सड़क मार्ग से हजारों किलोमीटर का सफर तय कर रहा 200 टन वजनी विशाल औद्योगिक रिएक्टर (बेसल) शनिवार सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच फुलवरिया चौराहे से गुजरकर बहराइच हाईवे पर पहुंच गया। 308 पहियों वाले विशेष हाइड्रोलिक मल्टी-एक्सल ट्रेलर पर लदे इस विशाल उपकरण को बहराइच के रास्ते लखीमपुर खीरी जिले के कुंभी स्थित बलरामपुर चीनी मिल की इकाई तक पहुंचाया जाएगा। इसे 25 अक्तूबर से पहले गंतव्य तक पहुंचाने की योजना है। करीब 3080 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रहे औद्योगिक बायोपॉलिमर प्लांट में इसका इस्तेमाल किया जाएगा। यह विशाल रिएक्टर बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड की कुंभी इकाई में स्थापित होने वाले बायोपॉलिमर प्लांट का अहम हिस्सा है। इसकी उत्पादन क्षमता सालाना 80 हजार टन निर्धारित की गई है। मशीन की कीमत करीब 50 करोड़ रुपये बताई जा रही है, हालांकि अंतिम कीमत हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी होने पर स्पष्ट होगी। इसकी ढुलाई पर करीब 10 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। अब तक परिवहन पर लगभग 11 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। वास्तविक खर्च परिस्थितियों के अनुसार घट-बढ़ सकता है। बेसल को समुद्री मार्ग से ओडिशा के पारादीप बंदरगाह लाया गया था। यहां से 15 मई को इसे विशेष हाइड्रोलिक मल्टी-एक्सल ट्रेलर पर लादकर सड़क मार्ग से कुंभी के लिए रवाना किया गया। भारी-भरकम मशीन को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश से होकर गुजरने वाला मार्ग तय किया गया। 14 अक्तूबर को ट्रेलर सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज क्षेत्र में पहुंचा था। इसके बाद बलरामपुर होते हुए शनिवार सुबह फुलवरिया चौराहे से बहराइच हाईवे पर पहुंच गया। अब इसे बहराइच के रास्ते लखीमपुर खीरी के कुंभी पहुंचाया जाएगा।