चौधरी चरण सिंह घाघरा बैराज पर शनिवार को नदी में बहकर आया एक अज्ञात शव मिलने से आसपास के ग्रामीणों में दहशत फैल गई। शव काफी पुराना बताया जा रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, शव का वीडियो सामने आने के बाद लोग बैराज के आठ नंबर गेट पर पहुंचे। शव की हालत देखकर उसके कुछ दूरी से बहकर आने की आशंका जताई गई।कौड़ियाला और गेरुआ नदी नेपाल से बहकर आती हैं। ऐसे में शव के नेपाल की ओर से बहकर घाघरा बैराज तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। घाघरा बैराज बहराइच और लखीमपुर जिले की सीमा पर स्थित है। इसी स्थान से नदी आगे चलकर सरयू के रूप में प्रवाहित होती है। महत्वपूर्ण बैराज होने के कारण यहां सुजौली थाने के पुलिसकर्मियों की प्रतिदिन ड्यूटी लगाई जाती है। इसके बावजूद बैराज तक शव पहुंचने की जानकारी सामने आने के बाद सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। बैराज के कमरे में पुलिसकर्मियों के सोने का आरोप ग्रामीणों का आरोप है कि बैराज पर ड्यूटी के लिए तैनात पुलिसकर्मी कई बार बैराज के कमरे में ही सोते रहते हैं। शनिवार को भी पुलिसकर्मियों के कमरे में सोने की बात सामने आई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बैराज और उसके गेटों पर नियमित निगरानी हो रही थी तो नदी में बहकर आया शव वहां तक कैसे पहुंचा, इसकी जांच होनी चाहिए। शव मिलने के बाद काफी देर तक उसकी पहचान नहीं हो सकी। स्थानीय लोगों ने शव को लेकर पुलिस को सूचना देने और मौके पर पहुंचकर कार्रवाई किए जाने की मांग की। साथ ही बैराज की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी बढ़ाने की भी बात कही। जांच के बाद ही स्पष्ट होगी स्थिति सीओ पहुंप सिंह ने बताया कि सुजौली थाने की पुलिस टीम को मौके पर जाकर लाश को बाहर निकालने और जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। शव को बाहर निकालने के बाद उसकी स्थिति, पहचान और बैराज तक पहुंचने के संबंध में जांच की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस शव के बैराज तक पहुंचने के कारणों और उसकी पहचान के संबंध में जानकारी जुटा रही है। यदि शव नदी के रास्ते बहकर आया है तो वह कहां से बहकर आया और कितने समय से पानी में था, इसका पता जांच के बाद ही चल सकेगा।